गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंह के मुताबिक इस वर्ष डीजल के दाम 74 रुपये से 93.42 रुपये यानी 25 फीसदी बढ़े हैं। इसके विपरीत माला भाड़ा मात्र दस फीसदी ही बढ़ा है। एसोसिएशन के सह अध्यक्ष अब्दुल रशीद कहते हैं कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं अब मालभाड़ा बढ़ाया जाना मजबूरी है।
बजट संभालने के लिए हो रही कटौती
सीमित बजट में महंगाई का सामना करने के लिए लोग खर्च में कटौती कर रहे हैं। निजी स्कूल की टीचर दीक्षा कहती हैं कि बंधे बंधाए वेतन में घर चलाने के लिए रसोई में जरूरी सामान को छोड़कर कटौती कर रही हैं। कारोबारी रितेश अब सब्जी और किराने का सामान खरीदने के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित बाजार पैदल ही जाते हैं। वहीं समीर ने बचत करने के लिए बाइक खरीदी है। बताते हैं बाइक चलाने से महीने में करीब पचास लीटर पेट्रोल की बचत हो रही है यानी पांच हजार रुपये की बचत।
लागत बढ़ी लेकिन आमदनी घटी
उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और गोरखपुर मंडल अध्यक्ष राजन शाही कहते हैं कि डीजल-पेट्रोल के दाम सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुके हैं लेकिन पंप संचालकों का कमीशन 2018 से नहीं बढ़ा। इससे पंप संचालकों के सामने पूंजी का संकट खड़ा हो गया है। यदि तेल विपणन कंपनियों ने जल्द ही कमीशन राशि नहीं बढ़ाई तो कई पंप संचालक तेल खरीदने में असमर्थ हो सकते हैं।
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह कहते हैं कि माल भाड़ा दस फीसदी बढ़ने से कच्चे माल की कीमत बढ़ गई है। इससे कंपनियों को प्रतिस्पर्धी दाम पर उत्पाद निर्माण काफी मुश्किल होता जा रहा है। माला भाड़ा बढ़ने से इन उत्पादों के दाम बढ़ाया जाना मजबूरी है।
इस तरह बढ़े ईंधन के दाम
| माह |
पेट्रोल |
डीजल |
रसोई गैस |
| जनवरी |
83.66 |
74.78 |
756.50 |
| फरवरी |
85.66 |
76.93 |
831.50 |
| मार्च |
89.37 |
81.92 |
881.50 |
| अप्रैल |
88.92 |
81.32 |
871.50 |
| मई |
88.77 |
82.19 |
871.50 |
| जून |
81.81 |
85.86 |
871.50 |
| जुलाई |
96.08 |
89.64 |
897.50 |
| अगस्त |
98.74 |
90.34 |
922.00 |
| सितंबर |
98.93 |
90.44 |
947.00 |
| अक्तूबर |
101.36 |
92.67 |
962.00 |