उत्तर प्रदेश के गोरकपुर जिले के गीडा थाना क्षेत्र के भड़सार गांव में दिवाली के दिन दो पक्षों के विवाद के जातीय रंग लेने के बाद तैनात की गई पीएसी चौथे दिन रविवार को भी मुस्तैद है। पुलिस अब गांव के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी है। गांव में 2015 से अब तक विवाद करने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि इस प्रकरण में ऐसी कार्रवाई की जाए कि दोबारा कोई अप्रिय घटना ना हो।
जानकारी के मुताबिक, 14 नवंबर यानी दिवाली की रात गांव में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। थाने पर दोनों पक्षों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद मामला उजागर हुआ। इसके बाद एसएसपी ने लापरवाही के आरोप में तत्कालीन थानेदार देवेंद्र सिंह को लाइनहाजिर और हलका दरोगा को निलंबित कर दिया। इसके बाद से मामले ने और तूल पकड़ लिया और सियासत शुरू हो गई।
प्रधानी का चुनाव भी करीब है। इस वजह से गांव में विवाद को दूसरा रंग देने की कोशिश की जा रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। गांव में एहतियातन पीएसी तैनात है तो दूसरी ओर पुलिस आपराधिक छवि वालों की शिनाख्त शुरू कर दी है।
गीडा थाने के थानेदार सुनील राय ने बताया कि गांव में एहतियातन फोर्स तैनात है। दर्ज मुकदमे की जांच की जा रही है। मामले में नामजद लोगों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस खंगाल रही है।