लंदन आई और रामगढ़ ताल। (फाइल फोटो)
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'लंदन आई' की तर्ज पर ‘गोरखपुर आई’ स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से इस परियोजना की डिजाइन व डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए रिक्वेस्ट फाॅर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया गया है। बृहस्पतिवार को जीडीए उपाध्यक्ष आनदंवर्द्धन ने कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन प्री बिड मीटिंग की। बैठक में गोरखपुर आई की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
‘गोरखपुर आई’ की लागत व जमीन की उपलब्धता आदि के बारे में चर्चा की। बैठक में एजिस, अरुप, सीबीआरई, ट्रैक्टेबल इंजीनियरिंग व डब्ल्यूपीके के प्रतिनिधि शामिल रहे। कंसल्टेंसी कंपनी के रूप में इस टेंडर में प्रतिभाग कर रही डब्ल्यूपीके के प्रतिनिधि उदय भीमराव पांडेय ने बताया कि यदि ‘गोरखपुर आई’ के लिए ब्यास 100 से 150 मीटर रखा जाएगा तो इसको स्थापित करने पर एक हजार से दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें लोगों के बैठने के लिए लगभग 32 कैप्सूल लगे होंगे। एक कैप्सूल में लगभग 25 लोग बैठ सकेंगे।
बताया गया कि 45 मिनट से एक घंटे में यह एक चक्कर लगाएगा। कंसल्टेंट का कहना है कि डीपीआर बनाने में छह महीने व अवलोकन चक्र बनाने में तीन साल लग सकते हैं। चयनित फर्म गोरखपुर की स्थिति और जरूरतों को देखते हुए डीपीआर तैयार करेगी। इस दौरान जीडीए के अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार, एके तायल, राजबहादुर सिंह शामिल रहे।
जीडीए आनंदवर्द्धन उपाध्यक्ष ने कहा कि ‘गोरखपुर आई’ के लिए कंसल्टेंट चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। उसी के तहत बृहस्पतिवार को पहली ऑनलाइन प्री बिड मीटिंग हुई।