शिक्षा विभाग ने गर्मी को देखते हुए सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को दो जुलाई तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में शहर के आठवीं तक के प्रमुख निजी स्कूल बंद रहे। गली और मोहल्लाें में स्थित कुछ स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों को दरकिनार कर अपने स्कूलों को खोल दिया।
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बच्चों ने छुट्टियों में खूब मस्ती की। सुबह से ही स्कूल जाने के नाम पर बहानेबाजी शुरू कर दी। स्कूल खुलने पर हमें भी सुबह उठकर सारी तैयारी करनी पड़ती है। जिम्मेदारी तो बढ़ गई पर दोपहर में बच्चों की धमा चौकड़ी से राहत मिलेगी।
-पूनम अग्रवाल।
बच्चों को स्कूल छोड़ने और ले जाने की जिम्मेदारी मेरी ही है। स्कूल खुल गए हैं तो सुबह से ही बच्चों के खाने-पीने के साथ उनके पढ़ाई का भी ध्यान रखना पड़ता है।
-नीतू प्रजापति।
एक महीने स्कूल बंद था तो बहुत राहत थी। सोमवार को सुबह से ही पूरी दिनचर्या बदल गई। सुबह उठी और नाश्ता बनाकर बच्चे को छोड़ने स्कूल आई हूं। इतने दिन बाद स्कूल खुला है तो बच्चे का मन भी अभी लग नहीं रहा है।
-प्रीति खटवानी।
स्कूल खुलने पर पूरे परिवार की दिनचर्या बदल गई है। सुबह बच्चा भी ऊंघते ही उठा। मेरे पति ही बच्चे को स्कूल छोड़ने जाते हैं। आज वह शहर से बाहर हैं, इसलिए मैं छोड़ने आई हूं।
-किरन वर्मा।