चार साल तक भले ही सर्किल रेट नहीं बढ़ा लेकिन समय-समय पर बाजार की कीमतों में वृद्धि होती रही। सड़क किनारे की जमीनों के दाम सबसे ज्यादा तेजी से बढ़े। संपत्तियों के बैनामों के समय विक्रता जमीन, मकान खरीदने वाली पार्टी से बाजार रेट पर ही कीमत लेते रहे मगर रजिस्ट्री विभाग में स्टांप, पुराने चले आ रहे सर्किल रेट पर ही जमा होता रहा। इससे विभाग को भी झटका लगा है। हालांकि वहीं दूसरी तरफ सरकारी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर जमीन, काश्तकारों की सहमति से बैनामा कराई गई । ऐसे में रेट नहीं बढ़ने से सरकार को काफी राहत भी मिली।
इसे भी पढ़ें- खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है गंडक नदी, तटबंध में हो रहा रिसाव
जिला रजिस्ट्री विभाग का साल का लक्ष्य
गोरखपुर 605.41 करोड़
महराजगंज 254.38 करोड़
देवरिया 227.38 करोड़
कुशीनगर 164.74 करोड़
कुल 1251.91 करोड़
विभाग का लक्ष्य पूरा हो जा रहा है। जिले के विकास के लिए कई ऐसी सरकारी योजनाएं संचालित हो रही है या पाइपलाइन में है जिनके लिए जमीन की जरूरत पड़ेगी। सर्किल रेट बढ़ने से इन योजनाओं की कीमत बढ़ जाएगी। शासन पर भार बढ़ेगा। इन्हीं वजहों से इस साल भी सर्किल रेट में वृद्धि नहीं करने का निर्णय किया गया है।
- के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम
गोरखपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में सर्किल रेट रिवाइज करने का काम शुरू हो गया है। रेट लिस्ट रिवाइज करने के लिए शासन की तरफ से जारी निर्देश पर तीनों जिलों के डीएम ने अनुमति दे दी है जिसके बाद सर्वे कराया जा रहा है। एक अगस्त से वहां रिवाइज्ड सर्किल रेट लागू कर दिया जाएगा। -
रामानंद सिंह, डीआईजी स्टांप