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यूपी: आशियाना बनाने के सपनों पर महंगाई की मार, 40 फीसदी तक बढ़ गए भवन निर्माण सामग्रियों के दाम

Fri, 08 Jan 2021 11:29 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
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गिट्टी, बालू, सरिया के साथ ही टाइल्स की कीमतों में भी हुआ है इजाफा - फोटो : अमर उजाला।
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घर बनाने की मंशा रखने वालों के सपनों पर महंगाई की मार पड़ गई है। भवन निर्माण सामग्रियों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक का इजाफा हो गया है। गिट्टी, बालू, सरिया से लेकर टाइल्स तक की कीमतें आसमान छू रही हैं।
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भवन निर्माण सामग्री की बढ़ी कीमतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1000 वर्ग फीट का मकान बनाने में दो-तीन महीने पहले जहां लगभग 12 लाख रुपये खर्च करना पड़ रहा था, उसी के लिए अब कम से कम 13-13.5 लाख रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

लॉकडाउन के बाद एक तरफ उद्योग जगत अपने आपको संभालने में लगा है, वहीं निर्माण उद्योग महंगाई की वजह से काफी प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि कीमतें बढ़ने का असर बिक्री पर पड़ा है। भले ही अभी खरमास चल रहा है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में बिक्री काफी प्रभावित है।
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30 प्रतिशत तक बढ़ गई है बालू की कीमत, सरिया 40 फीसदी तक महंगा

जायसवाल बिल्डिंग मटेरियल के सत्यप्रकाश जायसवाल ने बताया कि दो महीने पहले बालू प्रति घन फीट 70 से 72 रुपये की दर से बिक रही थी, अब इसकी कीमत बढ़कर 100 रुपये प्रति घन फीट तक पहुंच गई है। यह कीमत बिहार के डेहरी-ऑन-सोन से आने वाले बालू की है। हमीरपुर का बालू 80 से 85 रुपये प्रति घन फीट की दर से बिक रहा है। पहले यह कीमत 65 रुपये के आसपास थी। गिट्टी की कीमत में भी थोड़ी बढ़ोतरी है। 72 रुपये का रेट बढ़कर 76 रुपये हो गया है। वहीं लोकल सरिया जहां 42 रुपये और ब्रांडेड 62 रुपये प्रति किलो की दर से बिकता था, अब उसकी कीमत बढ़कर 55 रुपये और 75-76 रुपये हो गई है। 

एक जनवरी से टाइल्स की कीमतें भी बढ़ गईं
टाइल्स विक्रेता सज्जन लाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान तो कंपनियों ने दाम नियंत्रित रखा था, लेकिन एक जनवरी से टाइल्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है। सामान्य तौर पर एक पेटी टाइल्स की न्यूनतम कीमत 500 रुपये थी, वह बढ़कर 520 रुपये हो गई है। इसी तरह माड्यूलर किचन के लिए चिमनी आदि की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।

ईंट-सीमेंट की कीमत दे रही राहत

गोरखपुर ईंट निर्माता समिति के महामंत्री अर्जुन बालानी ने बताया कि भले ही भवन निर्माण की अन्य सामग्रियां काफी महंगी हो गईं हैं, लेकिन ईंट की घटी हुई कीमत राहत दे रही है। पिछले दो महीने में ईंट की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की कमी आई है। वजह यह है कि अब मांग पहले की तुलना में कम हुई है। दरअसल, सरकारी कार्यों में अब ईंट का इस्तेमाल काफी कम हो गया है। सड़कें इंटरलॉकिंग या सीसी बनने लगीं। मकान की नींव में भी अब ईंट का इस्तेमाल नहीं होता। पहले जहां प्रति हजार ईंट की कीमत क्रमश: एक नंबर ईंट 8000, दो नंबर ईंट 6000 और तीन नंबर ईंट 4500 रुपये थी, अब कम होकर 7000, 5000 और 3500 रुपये हो गई है। इसके अलावा दूरी के अनुसार किराया अलग-अलग देना पड़ता है। उधर, सीमेंट की कीमतें यथावत रहना भी राहत भरा है।

कुल लागत में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी
आर्किटेक्ट इंजीनियर आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य तौर पर भवन निर्माण के दो पक्ष होते हैं। ढांचा खड़ा करना और फिनिशिंग। ढांचा खड़ा करने की लागत में तकरीबन 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, फिनिशिंग मैटेरियल और लेबर कास्ट में थोड़ी कमी आई है। इसके बावजूद निर्माण लागत में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पहले अगर किसी मकान के निर्माण में 10 लाख रुपये की लागत आती थी, अब उसके लिए कम से कम 11.50 लाख खर्च करने होंगे। 
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कीमत नियंत्रित करे सरकार

पॉम पैराडाइज के निदेशक विकास केजरीवाल ने बताया कि जिस तरह से भवन निर्माण सामग्रियों की कीमत में बढ़ोतरी हो रही है, उसे बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़े उद्यमियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसा लग रहा है कि कीमतों में अनियंत्रित ढंग से बढ़ोतरी हो रही है। जब लौह-अयस्क की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है तो सरिया की कीमतों में इजाफा समझ से परे है। सरकार को इस पर ध्यान देने के साथ कीमत नियंत्रण की दिशा में उचित कदम उठाना चाहिए। हमारे सामने मजबूरी यह है कि दाम बढ़ा देते हैं तो फ्लैटों की बिक्री कम हो जाएगी और नहीं बढ़ाते हैं तो नुकसान झेलना पड़ेगा। कीमतों में बढ़ोतरी का फिलहाल हमारा कोई इरादा नहीं है, लेकिन सरकार से अपेक्षा जरूर है कि बिल्डिंग मैटेरियल की बढ़ रही कीमतें नियंत्रित करे।

दो महीने में कुछ यूं बढ़ीं कीमतें
सामान             पहले        अभी
सरिया (लोकल)    38            55
सरिया  (ब्रांडेड)   62             76
बालू- (हमीरपुर)   60-65        80-85
बालू  (डेहरी)      75-80        95-100
टाइल्स             500 (पेटी)    520  
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