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गोरखपुर: अध्यक्ष डॉ. शिवशंकर शाही बोले- आईएमए बिना डिग्री के इलाज करने वालों का प्रशासन से कराएगा 'इलाज'

Mon, 22 Nov 2021 11:30 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

डॉ शाही ने बताया कि शहर में कई ऐसे अस्पताल हैं, जिन्होंने बोर्ड तो लगवा लिया है, लेकिन उन अस्पतालों में कौन डॉक्टर बैठ रहा है इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। जिसके कारण मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
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आईएमए के नवागत अध्यक्ष डॉ शिवशंकर शाही - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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आईएमए के नवागत अध्यक्ष डॉ शिवशंकर शाही ने कहा कि बिना डिग्री के इलाज करने वालों के खिलाफ आईएमए अभियान चलवाएगा। प्रशासन की शह पर ही बिना डिग्री के लोग शहर में इलाज कर रहे हैं। ऐसे लोगों की लिस्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी, जिससे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। बताया कि तारामंडल में ही ऐसे अस्पताल हैं, जिन्होंने बोर्ड तो लगवा लिया है, लेकिन उन अस्पतालों में कौन डॉक्टर बैठ रहा है इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। इसकी वजह से मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है। इसे रोकवाने के लिए सभी अस्पतालों के सामने एक बोर्ड बनवाया जाएगा। उस बोर्ड पर डॉक्टर का नाम, उसकी डिग्री, रजिस्ट्रेशन नंबर और उसके बैठने का समय लिखवाया जाएगा। इससे सही डॉक्टरों की जानकारी हो सकेगी। इससे असली और नकली डॉक्टरों की पहचान भी हो सकेगी।
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आईएमए भवन का निर्माण प्राथमिकता
डॉ शिवशंकर शाही ने बताया कि आईएमए का भवन बनवाना प्राथमिकता में हैं। आईएमए के पास अपना जमीन है। जीडीए से नक्शा भी पास हो गया है। भवन के लिए मिट्टी की जांच हो चुकी है। भवन में शहर के वरिष्ठ डॉक्टरों की निशुल्क ओपीडी होगी। गरीबों के लिए ब्लड बैंक की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम बनाई जाएगी, जो डॉक्टरों की समस्याओं का समाधान करेगी। यह टीम अलग-अलग क्षेत्रों के लिए होगी, जिससे की कोई समस्या होने पर टीम मौके पर तत्काल पहुंच सके। भवन में दिव्यांगों के लिए निशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था कराई जाएगी, जिससे की वह स्वावलंबी बन सके।
 
युवा डॉक्टरों की मदद की जाएगी
डॉ शिवशंकर शाही ने बताया कि सेवानिवृत्त और बुजुर्ग हो चुके डॉक्टरों की देखभाल के लिए क्विक रिस्पांस टीम काम करेगी। उनके स्वास्थ्य से लेकर उनके दवाई तक पहुंचाई जाएगी। हर छह माह में बुजुर्ग डॉक्टरों की जांच की जाएगी। युवा डॉक्टरों की मदद की जाएगी। उनके रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रैक्टिस तक में उनका सहयोग किया जाएगा। उनके चैंबर तक की व्यवस्था की जाएगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सीएम से मुलाकात की जाएगी।
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दो साल के लिए चुने जाते हैं आईएमए के सचिव

आईएमए के सचिव के रूप में डॉ. वीएन अग्रवाल का कार्यकाल एक साल और है। डॉ. अग्रवाल पिछले साल ही निर्विरोध चुने गए थे। आईएमए के बायलाज के अनुसार सचिव का कार्यकाल दो साल का होता है। यही कारण है कि सचिव पद पर इस साल चुनाव नहीं हुए हैं। अब अगले साल इस पद पर चुनाव होगा।

आईएमए महिला विंग की अध्यक्ष बनीं डॉ दीप्ति व सचिव डॉ बबिता
आईएमए महिला विंग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी और सचिव के रूप में डॉ. बबिता शुक्ला निर्विरोध चुनीं गई हैं। दोनों पदों के लिए कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं आया। निर्विरोध होने पर आईएमए के डॉक्टरों ने बधाई दी है।
 
जीत से पहले ही ले लिया आशीर्वाद
इसे संयोग कहें या फिर जूनियर और सीनियर के बीच का आपसी समन्वय। 12:37 बजे के आसपास अध्यक्ष पद के प्रत्याशी डॉ. शिवशंकर शाही और वर्तमान अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव डॉक्टरों से वोट मांग रहे थे। इस बीच महिला डॉक्टरों की टीम भी वहां इकट्ठा हो गई। अचानक इस बीच डॉ. शिवशंकर शाही, डॉ. मंगलेश से आशीर्वाद मांगने लगे। इस पर उन्होंने हाथ उठाकर आशीर्वाद भी दे दिया।  
 
पहली बार हुआ है इस तरह का चुनाव
आईएमए के चुनाव को लेकर डॉक्टरों में जबरदस्त उत्साह था। कुछ वरिष्ठ डॉक्टर जब वोट देने सीतापुर आई हॉस्पिटल में पहुंचे तो डॉक्टरों का उत्साह देख बोल पड़े कि पहली बार इस तरह से आईएमए का चुनाव हुआ है। अब तक ऐसा चुनाव कभी नहीं हुआ था। लोकतंत्र की खूबसूरती इस चुनाव में दिख रही है।
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