गोरखपुर। जिले में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत असाक्षर लोगों को अगले महीने से साक्षर बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने गांव स्तर पर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को शिक्षा से जोड़ना है जो किसी कारणवश पढ़-लिख नहीं पाए हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि असाक्षरों की पहचान के लिए स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाए। इसके लिए शिक्षामित्रों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये लोग गांव-गांव जाकर सर्वे करेंगे और ऐसे लोगों की सूची तैयार करेंगे जो अभी तक साक्षर नहीं हैं।
अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से बुजुर्गों और अशिक्षित वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाएगा। उन्हें अपना नाम लिखने, हस्ताक्षर करने, संख्याओं की पहचान करने और दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इससे वे विभिन्न सरकारी योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों को समझने में सक्षम हो सकेंगे। विभाग का मानना है कि साक्षरता सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला है। अभियान के माध्यम से गांवों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को साक्षर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
बोले अधिकारी
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ना है। शिक्षकों, शिक्षामित्रों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यर्ताओं के सहयोग से गांवों में असाक्षर लोगों का चिह्नित कर उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाया जाएगा।
धीरेंद्र त्रिपाठी, बेसिक शिक्षा अधिकारी