शासन के निर्देश के बाद पंचायतों के गठन की तिथि शनिवार को घोषित कर दी गई। 25 और 26 मई को गांव की नई सरकार वजूद में आ जाएगी। दोनों दिनों में जिले के नवनिर्वाचित प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य शपथ लेंगे। इसके अगले ही दिन 27 मई को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी। हालांकि जिले में 1294 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 859 ग्राम पंचायतें ही अस्तित्व में आ पाएंगी। बाकी की 435 पंचायतों का गठन नहीं हो पाएगा। वहां के नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ लेने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन 24 मई को ग्राम पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी करेंगे। त्रि-स्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजे 2 मई को ही आ गए थे। इसके 20 दिनों के बाद ग्राम प्रधान एवं पंचायत सदस्यों के शपथ ग्रहण की तारीख तय हुई। डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि दो तिहाई ग्राम पंचायत सदस्यों का निर्वाचन नहीं हो पाने की वजह से जिले की 435 ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो पाएगा। वहां के प्रधान शपथ नहीं ले सकेंगे।
इन पंचायतों में खाली बचे ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए उपचुनाव होंगे जिसके बाद ही पंचायतों का गठन हो सकेगा। इनमें 6 ग्राम पंचायतें ऐसी है जिनमें ग्राम प्रधान का निधन हो चुका है। जिन 859 ग्राम पंचायतों में शपथ ग्रहण कराया जाना है, उनके लिए जरूरी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं।
रविवार तक सभी फाइलें तैयार कर डीएम कार्यालय को भेजी जाएगी। डीएम की स्वीकृति मिलने के बाद 24 को ग्राम पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएम के साथ बैठक में यह भी निर्णय होगा कि सभी 20 ब्लाक में ग्राम पंचायतों का गठन एक ही दिन कराया जाए या फिर बांट कर अलग- अलग दिन कराया जाए।