डाक विभाग ने आधार में संशोधन करने की एक नई पहल की है। अब डाकिया घर-घर जाकर आधार में पता, मोबाइल नंबर, नाम व अन्य संशोधन करेंगे। इसके लिए डाक विभाग ने 80 से अधिक डाकियों को प्रशिक्षित किया है। इस सेवा के बदले ग्राहक को केवल 50 रुपये देने होंगे। फिलहाल यह सेवा ग्रामीण इलाकों में शुरू की गई है।
कानून आधार भले ही अनिवार्य नहीं है, लेकिन तकरीबन हर सेवा के लिए आधार की जरूरत पड़ती ही है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को आधार बनवाना पड़ता है। आधार बनवाने के बाद भी उसमें समय-समय पर परिवर्तन कराना पड़ता है। मोबाइल नंबर से लेकर नाम और पता तक लोगों को बदलवाना या संशोधित करवाना पड़ता है। इसके लिए लोगों को डाक घर या बैंक की उन शाखाओं में जाना पड़ता है जहां पर आधार बनाया जाता है।
इन केंद्रों पर इतनी भीड़ हो जाती है कि लोगों को एक काम के लिए कई-कई दिन चक्कर काटने पड़ जाते हैं। इससे लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए डाक विभाग ने घर-घर डाकिया भेजने की पहल की है। फिलहाल डाक विभाग ने 80 से अधिक डाकिए प्रशिक्षित किए हैं। इन्हें एक डिवाइस उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से ये आधार में संशोधन कर सकते हैं।
एसएसपी मनीष कुमार ने बताया कि कोरोना के समय आधार की सेवाएं काफी प्रभावित हो गई थीं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहक डाकघर आ नहीं आ पाते हैं। इसलिए इस सेवा को ग्रामीणों के लिए घर-घर पहुंचाया जा रहा है। अब किसी को कहीं और जाने की जरूरत नहीं है। घर पर ही पता, मोबाइल नंबर, नाम और अन्य संशोधन किए जा रहे हैं। फिलहाल इस सेवा को ग्रामीण इलाकों में शुरू किया गया है।