यह कहना है कि लखनऊ के मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अरोड़ा का। डॉ. अरोड़ा ने इस बीमारी पर कई शोध किए हैं। वह बताते हैं कि आजकल 25 साल तक के युवा भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी की वजह से लोगों की औसत उम्र घट रही है। ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, हड्डी व जोड़ में दर्द, आंख की रोशनी कम होने आदि के मामले बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मधुमेह का मतलब है कि शरीर में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित होना। सीधी सी बात यह है कि शरीर को स्वस्थ तरीके से संचालित करने के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है। अगर इसकी मात्रा कम हो जाए तो भी आदमी का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और बढ़ जाए तो भी लोग परेशान होते हैं। इसे संतुलित बनाए रखने के लिए लिवर का ठीक प्रकार से काम करना जरूरी है।
सप्ताह में 150 मिनट का व्यायाम जरूरी
डॉ. संजय बताते हैं कि आजकल लोग ओवर एक्सरसाइज की वजह से भी बीमार हो रहे हैं। जिम में घंटों पसीना बहाने, ट्रेड मिल पर भागने से बेहतर है कि अपने भोजन को शरीर की जरूरत के अनुसार कंट्रोल करें। मतलब यह कि खेत में काम करने वाले व्यक्ति के मुकाबले ऑफिस में बैठकर काम करने वाले कर्मचारी की डाइट एक समान नहीं हो सकती। इसके अलावा व्यायाम को लेकर भी सावधानी बरतनी चाहिए। शरीर को पूरी तरह से फिट रखने के लिए सप्ताह में 150 मिनट पर्याप्त है। इसमें भी एक दिन का गैप रखना है, लेकिन यह गैप लगातार दो दिन नहीं रखना है। औसतन सप्ताह में पांच दिन और हर दिन 30 मिनट का व्यायाम पर्याप्त है। ध्यान यह रखें कि इस 30 मिनट में शरीर से पसीना निकल जाए। अगर ऐसा होता है तो न सिर्फ वजन नियंत्रित रहेगा, बल्कि शुगर, ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में आ जाएगा। अगर शुगर के मरीज हैं तो नियमित व्यायाम व संतुलित आहार लेने पर दवाओं की मात्रा कम हो सकती है या पूरी तरह से दवा का प्रयोग बंद भी हो सकता है।