गोरखपुर। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी को रविवार दोपहर गोरखपुर पहुंचने पर असुरन चौराहे पर पुलिस ने रोक दिया।
करीब 45 मिनट तक उनका काफिला वहीं खड़ा रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मुकेश साहनी ने कहा कि उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने का उन्होंने सम्मान किया था। इसके बावजूद यदि वह किसी होटल में रात्रि विश्राम करना चाहते हैं या अपने कार्यकर्ताओं से मिलना चाहते हैं तो इसके लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे ऐसा लगा मानो वह कोई अपराधी या आतंकवादी हों।
संजय निषाद से पूछा- आरक्षण के लिए साथ क्यों नहीं आते : वीआईपी प्रमुख ने उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने की लड़ाई उन्होंने शुरू की थी लेकिन सत्ता में आने के बाद समाज के मूल मुद्दे पीछे छूट गए। उन्होंने सवाल किया कि यदि डॉ. संजय निषाद वास्तव में आरक्षण के पक्षधर हैं तो इस मुद्दे पर उनके साथ मिलकर आंदोलन क्यों नहीं करते।