गोरखपुर में सपा से घोषित जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आलोक गुप्ता के आवास पर सोमवार को भारी पुलिस बल ने दबिश दी। इस दौरान आलोक गुप्ता आवास पर नहीं मिले। इसके पहले 15 जून को कैंपियरगंज की एक महिला के दुष्कर्म का आरोप लगाने के मामले में पुलिस दबिश दी थी, हालांकि पुलिस ने उस मामले में अभी तक केस दर्ज नहीं किया है। आलोक गुप्ता ने इसे पर्चा दाखिल करने से रोकने की साजिश करार दी है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को दोपहर बाद इंस्पेक्टर के नेतृत्व मे खड़ेसरी स्थित आवास पर पहुंची पुलिस ने आलोक को बुलाने को कहा। स्टाफ द्वारा बताया गया कि आलोक बाहर गए हैं। तब पुलिस ने सभी आधा दर्जन स्टाफ व वाहन चालको का नाम, पता व मोबाइल नंबर नोट कर चेतावनी दी कि मंगलवार को आलोक को बुलाओ अन्यथा तुम लोग परेशान होगे। करीब सवा घंटे बाद पुलिस चली गई।
सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी आलोक गुप्ता ने कहा कि पर्चा दाखिल करने से रोकने के लिए साजिश रची जा रही है। जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है। साजिश के तहत मुझे गिरफ्तार करने की कोशिश हो रही है। डराया जा रहा है, जिससे कि मैं प्रत्याशिता से पीछे हट जाऊं। किन्तु अब डरने वाला नहीं हूं। क्योकि सपा के मुखिया अखिलेश यादव का आशीर्वाद प्राप्त हो गया है।
इंस्पेक्टर बड़हलगंज मनोज राय ने कहा आलोक पर दो मुकदमे दर्ज हैं। एक चिकित्सक के वहां बवाल करने का है तथा दूसरा आलोक के वाहन से दुघर्टना का है। आज भी दुघर्टना में घायल का इलाज आजमगढ़ में चल रहा है। उसी सिलसिले में विवेचना करने गया था। किन्तु वह नहीं मिले।