मुख्यमंत्री के आवास और कार्यालय जाने के लिए एक वीआईपी गेट है। वहां की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। गेट से कोई विशेष व्यक्ति जाना चाहता है तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मी सीधे मंदिर के कार्यालय बात करेंगे। संबंधित व्यक्ति का नाम बताएंगे। वहां से अनुमति मिलने पर उन्हें अंदर जाने की इजाजत मिलेगी।
मुख्य गेट में बैठे रहते हैं पुलिसकर्मी
मंदिर के मुख्य गेट पर जिन पुलिस वालों की तैनाती की गई है, वे अपनी कुर्सी से उठ नहीं रहे हैं। ऐसे में वाहन से आने वाले लोगों को स्वयं जाकर गाड़ी का नंबर, नाम और पता नोट कराना पड़ रहा है। इससे सुरक्षा में बड़ी चूक हो सकती है।
कोई भी गलत जानकारी लिखवाकर अंदर दाखिल हो सकता है। इस आशंका पर पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों को स्वयं गाड़ी तक पहुंचकर प्लेट देखने के बाद ही नंबर सहित अन्य जानकारियां दर्ज करनी है। इससे कोई भी वाहन चालक, गलत जानकारी दर्ज नहीं करा सकेगा।