दिल्ली में रहने वाली गोरखपुर की एक बेटी के गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी से शायद वह अपने घर को पहुंच जाएगी, लेकिन ऐसी कई बेटियां हैं जिन्हें अब भी इसी तरह के रहनुमा का इंतजार है। गोरखपुर रेंज की 100 ऐसी बेटियां हैं जिनकी तलाश अब तक पुलिस नहीं कर सकी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद एडीजी अखिल कुमार ने इसे गंभीरता से लिया है। अब तक लापता बेटियों के आंकड़े को मंगाने के साथ ही पुलिस वालों के पेच भी कसे हैं। एडीजी ने साफ कहा है कि जल्द ही बच्चियों को खोजा जाए और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो।
दरअसल, गोरखपुर के बेलीपार की एक महिला बेटी के साथ दिल्ली में रहती थी। 8 जुलाई को बेलीपार अपने गांव आई थी और बेटी लापता हो गई। केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी, लेकिन बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इसके बाद मां ने दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। पुलिस की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की और गोरखपुर पुलिस को फटकार लगाया।
जांच को दिल्ली पुलिस से साझा करने का आदेश दिया। इसके बाद ही गुरुवार को जांच रिपोर्ट दिल्ली भेज दी गई है। अब एडीजी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस इस पर कितना जोर लगाती है, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा। फिलहाल इनके घरवाले अब भी थाने से लेकर अफसरों के दफ्तर तक का चक्कर काटते हैं।
जिला अपहृत बेटियां इतने की नहीं हो सकी बरामदगी
गोरखपुर 173 34 (इसमें से 30 पिछले साल से लापता)
देवरिया 125 51 (इसमें से 49 पिछले साल से लापता)
कुशीनगर 30 09
महराजगंज 29 06