4 जून : सहजनवां इलाके के सिसई गांव के पास करीब 25 वर्षीय युवती की हत्या कर फेंका गया शव मिला था।
4 जुलाई : चौरीचौरा इलाके में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, पहचान नहीं।
12 जुलाई : पिपराइच के पोखर भिंडा आलमीन स्कूल के पास व्यापारी बृजेश विश्वकर्मा की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। वह घर से दावत खाने गए थे और फिर उनकी हत्या कर दी गई।
24 जुलाई : गोला के गोपालपुर चौराहे पर सेक्रेटरी अनीश चौधरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पत्नी दीप्ति मिश्रा के परिजनों पर नामजद और अज्ञात हमलावरों पर केस दर्ज था। पुलिस आज तक इस मामले में हमलावर को नहीं पकड़ सकी है। सिर्फ नामजद आरोपित को ही जेल भेजा।
30 जुलाई : सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ सब्जी निवासी स्वर्ण व्यापारी अरविंद नाथ वर्मा निजी काम से गोरखपुर आए थे। लौटने के दौरान कैंपियरगंज इलाके में फरेंदा-धानी मार्ग पर बदमाशों ने टायर पंचर बताकर कार रुकवाई और 200 ग्राम सोना लूटकर फरार हो गए।
31 जुलाई : गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रा प्रियंका की फंदे से लटकी लाश मिली थी, अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची पुलिस।
12 अगस्त : चौरीचौरा इलाके में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में 4.10 लाख की डकैती।
15 अगस्त : खोराबार जंगल चौरी गांव में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, पहचान तक नहीं हो सका।
15 अगस्त : रामगढ़ताल इलाके में 24 वर्षीय युवती की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, पहचान तक नहीं
17 अगस्त : कौड़ीराम के मिठाई कारोबारी स्वदेश मिश्रा से 20 लाख की रंगदारी मांगी गई।
20 अगस्त : पिपराइच के नथुआ के पास सड़क किनारे युवक की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। केस दर्ज पर पर्दाफाश नहीं।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि बड़ी वारदातों के घटनास्थल का निरीक्षण कर दिशा-निर्देेश दिया गया है। जिन घटनाओं का पर्दाफाश नहीं हुआ है, उसकी लगातार समीक्षा की जा रही है। लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई भी की जाएगी। सभी मामलों का पर्दाफाश जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं।