फरवरी में एक माह के भीतर मिले छह शवों की पहचान नहीं हो पाई। चुनाव ड्यूटी में पुलिस के होने की वजह से यह काम पूरी तरह बाधित रहा। लावारिस शवों का 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया, लेकिन मृत व्यक्ति कौन था, कहां से आया था, इन सब सवालों का जवाब खोजना अभी बाकी है।
नौ फरवरी को एक ही दिन जिले में तीन लावारिस शव मिले थे, लेकिन एक की भी शिनाख्त नहीं हो सकी। हालांकि, इनमें से किसी में भी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई थी। इनके अलावा कुछ शव नाले में मिले थे, जिनमें चोट के निशान होने की वजह भी हादसा ही बताया गया। मगर, शव किसके थे, यह आज तक पुलिस पता नहीं लगा सकी। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि शवों के शिनाख्त की कोशिश में पुलिस लगी है। जल्द ही पहचान कर लेगी।
केस एक
9 फरवरी को शाहपुर इलाके के जेल टॉवर नंबर तीन के पास नवनिर्मित नाले में 55 वर्षीय अधेड़ का शव मिला। शिनाख्त नहीं हो सकी। शव पास के ही लोगों ने देखा था। पुलिस ने शिनाख्त की कोशिश भी की, लेकिन पहचान नहीं हो पाई थी।
केस दो
9 फरवरी को कोतवाली इलाके के दुर्गाबाड़ी के पास नाले में 50 वर्षीय शख्स का शव मिला। काफी कोशिशों के बाद भी पहचान नहीं हो सकी है। तब पुलिस ने बताया कि वह पुल पर लेट गया था और फिर अचानक नाले में गिरने से उसकी मौत हुई थी।
केस तीन
10 फरवरी को चिलुआताल इलाके के जंगल बहादुर अली शेखपुरवा में 35 वर्षीय युवक का शव मिला था। पुलिस ने बताया कि शव कुछ दिन पुराना था। पुलिस ने शिनाख्त की काफी कोशिश की थी, लेकिन अभी तक पहचान नहीं कर सकी है।