प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में बनी हमारी ड्रोन नीति कृषि से लेकर स्वास्थ्य तक, डिजास्टर मैनेजमेंट से लेकर डिफेंस तक जीवन को बदलने वाली है। द्रोण की मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर फ्लाइंग ट्रेंड मैनपावर के लिए एक इको सिस्टम विकसित हो रहा है। इसी क्रम में उन्होंने पीएम गतिशक्ति की चर्चा करते हुए कहा कि इस मास्टर प्लान के लांच होने से गवर्नेन्स में तो सुधार आएगा ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क, रेल व हवाई मार्ग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर एक दूसरे को सपोर्ट करें। पीएम ने बताया कि सिविल एविएशन क्षेत्र में 1000 नए विमान जुड़ने का अनुमान लगाया गया है।आजादी के अमृतकाल में एविएशन सेक्टर राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक बनेगा और उत्तर प्रदेश की ऊर्जा भी इसमें शामिल होगी।
भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की आस्था और प्रेरणा का केंद्र: पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की आस्था और प्रेरणा का केंद्र है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यह सुविधा उनकी आस्था को अर्पित पुष्पांजलि है। भगवान बुद्ध के ज्ञान से लेकर उनकी महापरिनिर्वाण का साक्षी यह क्षेत्र अब सीधे दुनिया से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीलंकन फ्लाइट का यहां उतारना इस पुण्य भूमि को नमन करने की तरह है। अति पूजनीय महासंघ व अन्य महानुभाव का कुशीनगर आज गर्व से स्वागत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भी सुखद संयोग है कि आज महर्ष वाल्मीकि की जयंती भी है। उनकी प्रेरणा से देश सबको साथ लेकर, सब के प्रयास से, सबका विकास कर रहा है।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दोहरी खुशी
पीएम मोदी ने कहा कि कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट दशकों की आशाओं और अपेक्षाओं का परिणाम है। आज यहां मुझे दोहरी खुशी हो रही है। आध्यात्मिक यात्रा के जिज्ञासु के रूप में मन में संतोष के भाव हैं तो पूर्वांचल क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में यह कमिटमेंट पूरा होने की घड़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुशीनगर का विकास केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के होने से यह क्षेत्र भारत का ही नहीं श्रीलंका, थाईलैंड, कंबोडिया, जापान, कोरिया, लाओस, सिंगापुर आदि के श्रद्धा व आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों को विकसित करने व उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए सरकार की तरफ से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी यहां से बहुत दूर नहीं है। कपिलवस्तु बिल्कुल पास ही है। भगवान बुद्ध ने जहां पहला उपदेश दिया था वह सारनाथ वह भी 200 किलोमीटर दूर है। तथागत ने जहां ज्ञान प्राप्त किया वह बोधगया भी कुछ घंटों की दूरी पर है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट होने से भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर का जुड़ाव देश के हर कोने से हो गया है।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विकसित होगा समग्र विकास का इको सिस्टम
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एयर कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं बनेगा। बल्कि, इसके बनने से किसानों, पशुपालकों, दुकानदारों, श्रमिकों, उद्यमियों सभी को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसके जरिए व्यापार, कारोबार, उद्यम का एक इको सिस्टम विकसित होगा। सबसे ज्यादा फायदा यहां के पर्यटन क्षेत्र को होगा। इससे ट्रैवल, टैक्सी वालों, रेस्टोरेंट्स, छोटे-मोटे बिजनेस करने वालों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
पर्यटन के हर स्वरूप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी
अपने संबोधन में पर्यटन विकास की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन का कोई भी स्वरूप हो, उसके विकास के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरूरी है। रेलवेज, रोडवेज, एयरवेज, वाटरवेज की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही होटल, इंटरनेट, साफ-सफाई, पर्यावरण अनुकूल एनर्जी आदि सभी पर्यटन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।
वैक्सिनेटेड कंट्री के रूप में भारत से जुड़ा पर्यटन का नया पहलू
पीएम मोदी ने पर्यटन के क्षेत्र में वर्तमान समय मे कोविड वैक्सीनेशन की अपरिहार्यता की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वैक्सीनेटेड कंट्री के रूप में भारत से पर्यटन का नया पहलू भी जुड़ गया है। वैक्सीनेशन में भारत की प्रगति दुनिया को प्रेरित करेगी और इस वैक्सीनेटेड देश में आने को पर्यटक प्रेरित होंगे।