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यूपी: गोरखपुर में बोले केंद्रीय स्वास्थ्य व उर्वरक मंत्री, दिसंबर में पीएम मोदी कर सकते हैं खाद कारखाना व एम्स का लोकार्पण

Mon, 25 Oct 2021 09:43 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

केंद्रीय स्वास्थ्य व उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कारखाने व एम्स का निरीक्षण कर जांची प्रगति, बोले उर्वरक मंत्री- पांच दिसंबर के बाद उद्घाटन के लिए पीएम से समय लेगा मंत्रालय।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया एम्स का निरीक्षण करते हुए। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को खाद कारखाना व अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का निरीक्षण कर प्रगति जांची। इस दौरान हिंदुस्तान उवर्रक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के अधिकारियों ने अब तक पूरे हुए निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी देने के साथ ही यह भी बताया कि कौन-कौन से काम बाकी रह गए हैं, और उन्हें पूरा होने में कितना समय लगेगा।

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निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में एम्स व खाद कारखाना का उद्घाटन कर सकते हैं। इसके लिए उनसे पांच दिसंबर के बाद समय के लिए बात की जाएगी। पहले नवंबर 2021 में ही इन दोनों परियोजनाओं के लोकार्पण की तैयारी थी। हालांकि रविवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी में आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर में ही खाद कारखाना और एम्स के लोकार्पण की बात दोहराई।

सिद्धार्थनगर में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले गोरखपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सबसे पहले एम्स पहुंचे। गेस्ट हाउस का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने वहां डाक्टरों, विद्यार्थियों व सीएमओ के साथ बैठक की। इसके बाद वह खाद कारखाना गए। उन्होंने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक की। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के एमडी अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि 99 फीसद कार्य हो चुका है। बाकी बचा काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।
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दूर होगी खाद की कमी, उत्पादन और बढ़ाया जा सकेगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज से चार साल पहले प्रधानमंत्री ने इस देश से खाद का संकट दूर करने का निर्णय किया था। इसी क्रम में पांच खाद कारखानों का निर्माण शुरू हुआ। सभी बनकर लगभग तैयार हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस देश को सवा तीन लाख मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है, जबकि उत्पादन  सिर्फ 2.25 लाख मीट्रिक टन का होता है। अब सभी पांच कारखाना शुरू हो जाने से लगभग 13.5 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हो सकेगा। गोरखपुर खाद कारखाना पूरी तरह से आधुनिक है। भविष्य में जरूरत पड़ने पर यहां खाद उत्पादन की क्षमता और बढ़ाई जा सकती है।

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