हाउस वाइफ कहें या गृहिणी, कम से कम भारतीय परिवेश में आज भी इस शब्द के उच्चारण के साथ एक निरीह सी महिला का व्यक्तित्व उभर कर सामने आता है। शादीशुदा, रसोई, बच्चों, परिवार के बीच फंसी एक महिला। जिसका काम है, फुरसत में सीरियल देखना, खाली होने पर पड़ोसन से पंचायत करना और समृद्ध हैं तो शॉपिंग करना, बस। कमोबेश एक हाउसवाइफ का यही अक्स है, जो ज्यादातर लोगों की नजर में। नेशनल हाउस वाइफ-डे के मौके पर अमर उजाला हाउसवाइफ की यह निरीह इमेज तोड़ना चाहता है। इस प्रोग्राम का हिस्सा बनना चाहते हैं तो तो उठाइए पेन लिखिए प्रश्न और उत्तर पर टिक करके इन नंबरों (7617566160, 8005000010) पर व्हाट्सएप कीजिए।
दरअसल, सच तो यह है कि एक हाउसवाइफ नींव की वह ईंट है, जिस पर घर-परिवार और समाज की बुलंद इमारत खड़ी होती है, फिर उसके व्यक्तित्व के साथ हीनता का यह टैग कैसा? हम चाहते हैं कि किसी महिला का हाउसवाइफ के रूप में परिचय कराया जाए तो उसे कमतरी का एहसास न हो, बल्कि उसे गर्व हो। तीन नवंबर को नेशनल हाउस वाइफ-डे है, इस मौके के बहाने शहर की कुछ हाउसवाइफ को हम अमर उजाला में तरजीह के साथ, इस तरह स्थान देंगे कि लोग हाउस वाइफ के बदलते स्वरूप को महसूस करें, उन्हें सम्मान दें।
हमारा वादा है, यह प्रयास हाउसवाइफ-डे के साथ ही खत्म नहीं हो जाएगा, बल्कि लगातार जारी रहेगा। सच तो यह है कि हाउसवाइफ ही है, जो हर हाल में चौबीसों घंटे, सातों दिन अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का सफल प्रबंधन कर सकती हैं।
गृहिणियां किसी से कम नहीं
नेशनल हाउस वाइफ-डे (तीन नवंबर) के दिन प्रकाशित होने वाले अमर उजाला अखबार के संपादन की जिम्मेदारी शहर की गृहिणियों के हाथों में होगी। गेस्ट एडिटर पैनल के लिए जिले भर से चुनी गई तीन गृहिणी दो नवंबर को (तीन नवंबर के अंक के लिए) संपादक की भांति संपादकीय टीम का नेतृत्व करेंगी। तीन नवंबर का अंक इस गेस्ट एडिटर पैनल की पसंद का ही होगा। जिले की गृहिणियों को यह अहम दायित्व देकर अमर उजाला साबित करना चाहता है कि गृहिणियां किसी से कम नहीं। हम उनके चेहरे पर एक आत्मविश्वास भरी मुस्कान जमाने को दिखाना चाहते हैं।
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत अमर उजाला नेशनल हाउस वाइफ-डे के उपलक्ष्य में यह अभूतपूर्व आयोजन करने जा रहा है। इसके तहत विविध आयोजन होंगे। आयोजनों की यह श्रृंखला शनिवार से प्रारंभ हो जाएगी और तीन नवंबर तक चलेगी। इस दौरान शहर की गृहिणियों पर पुरस्कारों की बरसात भी होगी। फिर आप भी हो जाएं तैयार।
करना क्या होगा
प्रतिदिन अमर उजाला में एक क्विज प्रकाशित होगी, जवाब के विकल्प दिए होंगे। क्विज में पूछे गए सवालों के जवाब अमर उजाला में प्रकाशित खबरों में ही छुपे होंगे, इसलिए अमर उजाला गंभीरता से पढ़ती रहें। क्विज फॉर्मेट में सही जवाब पर टिक लगाना होगा और अपना संपूर्ण विवरण भरकर उसे अपनी एक फोटो के साथ अमर उजाला के व्हाट्सएप नंबर पर शाम छह बजे तक भेजना होगा। शाम छह बजे के बाद भेजी गई प्रविष्टी प्रतियोगिता में शामिल नहीं की जाएगी। सही उत्तर देने वाली दस गृहिणियों को प्रतिदिन विजेता चुना जाएगा। दस से अधिक गृहिणियों के जवाब सही मिलने पर विजेता का चुनाव लकी ड्रॉ के जरिए होगा।
विजेताओं के नाम अगले दिन की क्विज के साथ प्रकाशित किए जाएंगे। प्रतिदिन सभी दस विजेताओं को आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिए जाएंगे। 31 अक्तूबर को आखिरी क्विज प्रकाशित होगी। प्रतिदिन प्रकाशित क्विज की विजेताओं में से साक्षात्कार के जरिए चयनित 20 सफल गृहिणियों को एक नवंबर को होटल रेडिसन ब्लू में आमंत्रित किया जाएगा। वहां सामान्य स्तर की लिखित परीक्षा और सवाल-जवाब के उपरांत तीन गेस्ट एडिटर का चुनाव होगा। तीनों विजेता अमर उजाला के तीन नवंबर के अंक के गेस्ट एडिटर पैनल में शामिल होंगी। इन तीनों गेस्ट एडिटर के सामयिक विषय पर संपादकीय भी प्रकाशित किए जाएंगे।
...तो फिर इतरा कर हसबैंड को सरप्राइज देने को हो जाइए तैयार
तीन हाउस वाइफ को गेस्ट एडिटर पैनल में शामिल करके अखबार के अतिथि संपादन का गौरवपूर्ण मौका देने के अलावा अमर उजाला गृहिणियों की एक दिली ख्वाहिश भी पूरी करने का माध्यम बनना चाहता है। उमर उजाला ने एक सर्वे के जरिए शहर के मध्यवर्गीय परिवार की 224 महिलाओं से उनके दिल की ख्वाहिश पूछी। कई और ख्वाहिशों के अलावा बहुमत में यह लब्बोलुआब सामने आया कि वे एक दिन पति और बच्चों से कहना चाहती हैं कि चलो आज हम तुम्हें फाइव स्टार होटल में डिनर कराकर लाते हैं, मगर वे क्या ऐसा कह पाती हैं? दरअसल, गृहस्थी के खर्चे से जोड़-तोड़ कर बचाए गए रुपये वह यूं ही एक डिनर पर खर्च नहीं कर सकतीं। सुगृहिणी हैं, बचत को इमरजेंसी के लिए बचाकर रखती हैं। यही तो उनकी खासियत है।
अमर उजाला और होटल रेडिसन ब्लू नेशनल हाउसवाइफ-डे पर उनकी इस इच्छा को साकार करने का माध्यम भी बनेंगे। क्विज कॉन्टेस्ट के तहत प्रतिदिन चयनित विजेताओं में से चार गृहिणियों का चलिए होटल रेडिसन ब्लू कार्यक्रम के लिए चयन किया जाएगा। रेडिसन ब्लू के महाप्रबंधक अभिषेक सिंह कहते हैं, तो कहने को हो जाएं तैयार-सुनिए जी! आज हम आपको होटल रेडिसन ब्लू में डिनर कराने ले चलेंगे।
क्विज कॉन्टेस्ट के नियम व शर्तें
- यह कॉन्टेस्ट केवल महिलाओं के लिए है
- महिला का विवाहित होना अनिवार्य है
- शैक्षणिक योग्यता कम से कम स्नातक होनी चाहिए
- उम्र 50 से अधिक न हो
- उमर उजाला पाठकों के अलावा अन्य गृहिणियां भी भाग ले सकती हैं। वे अमर उजाला में प्रकाशित क्विज फॉर्मेट को फोटो स्टेट कराकर, पूरी तरह से भरकर अमर उजाला के व्हाट्सएप नंबर पर भेज सकती हैं
- एक बार विजेता घोषित होने के बाद अन्य क्विज में आपकी प्रविष्टी नहीं स्वीकारी जाएगी
- निर्णायक मंडल का फैसला अंतिम होगा
व्हाट्सएप नंबर-7617566160, 8005000010
सवाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा कहां होगी?
ए- सिद्धार्थनगर
बी- गोरखपुर
सी- कुशीनगर
डी- संतकबीरनगर
सवाल- शहर की पहली मल्टीलेवल पार्किंग किस जगह बनी है?
ए- गोलघर
बी- मोहद्दीपुर
सी- मानबेला
डी- बेतियाहाता
सवाल- अब रविवार को भी किस अस्पताल की ओपीडी चलेगी?
ए- एम्स
बी- बीआरडी मेडिकल कॉलेज
सी- जिला अस्पताल
डी- जिला महिला अस्पताल
सवाल- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा कहां हुई है?
ए- गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर
बी- मानबेला
सी- चंपा देवी पार्क
डी- महंत दिग्विजयनाथ पार्क
सवाल: अमर उजाला के साथ रूपायन मैगजीन किस दिन आती है?
ए- शुक्रवार
बी- बुधवार
सी-शनिवार
डी- सोमवार