प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर के भटहट में हस्तशिल्प टेराकोटा के कारीगर लक्ष्मी प्रजापति से व
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेराकोटा शिल्पकार लक्ष्मी प्रजापति से करीब साढ़े छह मिनट तक बातचीत की। बोले, लक्ष्मी जी, हम आपके माता-पिता को प्रणाम करते हैं जिन्होंने आपका नाम लक्ष्मी रखा है। आपके अंदर लक्ष्मी प्राप्त करने के सारा गुण विद्यमान हैं। हमें बताइए, आपके यहां नई-नई डिजाइन बनाने का कार्य होता है? इस पर लक्ष्मी प्रजापति ने सामने रखे हुए कुछ डिजाइनों को दिखाते हुए कहा, हम लोग हाथ से ही टेराकोटा की नई-नई डिजाइनों का निर्माण करते हैं, जो कंप्यूटर से कम नहीं है। इस पर प्रधानमंत्री ने शाबाशी दी।
भटहट के औरंगाबाद में टेराकोटा के उत्पाद को पूरे विश्व में पहचान मिली है। पहले से तय वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भटहट के औरंगाबाद के लक्ष्मी प्रजापति से कई सवाल पूछे। उन्होंने सवाल किया कि विश्वकर्मा योजना के बारे में जानते हैं? इस पर लक्ष्मी प्रजापति ने कहा कि जी सर। इस योजना में बढ़ई ,राजगीर लोहार आदि को औजार इत्यादि मुफ्त दिया जाता है।
इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक औजार के अलावा उनको प्रशिक्षण भी दिया जाता है। सामर्थ्यवान लोग इसका लाभ उठाते हैं। प्रधानमंत्री ने लक्ष्मी प्रजापति से पूछा कि एक जिला एक उत्पाद के तहत बने सामान भारतवर्ष के किन-किन बड़े शहरों में बिकते हैं? इस पर लक्ष्मी ने बताया कि लखनऊ, दिल्ली, बंगलूरु, गुजरात, महाराष्ट्र आदि स्थानों पर ट्रक से टेराकोटा के सामान बिकने के लिए जाते हैं।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, सांसद रवि किशन शुक्ला, क्षेत्रीय विधायक महेंद्र पाल सिंह, जिला अधिकारी कृष्णा करुणेश, खंड विकास अधिकारी, सांसद प्रतिनिधि पवन दुबे, संजय सिंह, नरेंद्र सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह,यूपी बड़ौदा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तम कुमार मिश्रा, मुख्य प्रबंधक जीसी चौरसिया आशीष त्रिपाठी आदि लोग उपस्थित रहे।
रवि किशन से नहीं हमसे बात करिए, उन्हें बुरा लगे तो लगने दीजिए
प्रधानमंत्री ने लक्ष्मी प्रजापति से सवाल पूछा कि भारत विकास संकल्प गारंटी रथ जब आपके इलाके तथा गांव में जाता है तो उसका स्वागत कैसे होता है? इस सवाल को लक्ष्मी ठीक से सुन नहीं पाए और बगल में बैठे सांसद रवि किशन से कानाफूसी करने लगे।
इस पर चुटीले अंदाज में प्रधानमंत्री ने कहा कि आप रवि किशन से नहीं मुझसे बात करिए। उन्हें बुरा लगे तो लगने दीजिए। यह सुनते ही सभी रवि किशन ने हाथ जोड़ लिए और ठहाके लगने लगे। लक्ष्मी प्रजापति ने कहा कि गारंटी रथ जब गांव में पहुंचता है तो आपकी अमृतवाणी को सुनने के लिए ग्रामीणों का तांता लग जाता है।