गोरखपुर। गुरु गोरक्षनाथ की धरा ने देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने ओलंपिक जैसे विश्व के सबसे बड़े खेल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर जिले का ही नहीं देश का नाम भी रोशन किया है। इनमें हॉकी खिलाड़ी स्व. एमएस अली सईद, प्रेम माया ओर प्रीति दुबे प्रमुख हैं। इसके अलावा बैडमिंटन सनसनी के नाम से मशहूर आदित्या यादव ने भी डेफ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत देश का मान बढ़ाया है। हॉकी खिलाड़ी रहे अली सईद का निधन वर्ष 2022 में हो गया था। वहीं प्रेम माया खिलाड़ियों की नई पौध को तैयार करने में जुटी हैं। जबकि प्रीति दुबे दिल्ली में स्थित साई में अभ्यास कर रही हैं। आदित्या यादव एशिया चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटी हैं।
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टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के सदस्य थे अली सईद
गोरखपुर में हाॅकी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और हाॅकी के मजबूत स्तंभ रहे एसएम अली सईद 1964 टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के महत्वपूर्ण सदस्य थे। वे फारवर्ड के बेहतरीन लेफ्ट विंगर खिलाड़ी थे। ओलिंपिक में हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाले वे गोरखपुर के एकमात्र खिलाड़ी थे। 1960 के दशक में हाॅकी को लेकर इस खिलाड़ी का हाॅकी के प्रति प्रेम जीवन के अंतिम पड़ाव तक बना रहा। हाॅकी को लेकर वे अपने परिवार और मिलने वालों से चर्चा किया करते थे।
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खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने मेें जुटी हैं प्रेम माया
महानगर के एमपीपी आर्यकन्या इंटर कॉलेज से हॉकी का ककहरा सीखने वाली प्रेम माया ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम खूब रोशन किया है। 1979 में कनाडा में हुई विश्व चैंपियनशिप के इंडिया कैंप में उनका चयन हुआ। 1980 में मास्को में हुए ओलंपिक में वे भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनीं। 1981 में एशियन गेम्स जापान, 82 में एशियन गेम्स दिल्ली, 83 में विश्व हॉकी कप कुआलालंपुर में भारतीय टीम की तरफ से खेलीं। 1985 में कान्टिनेंटल सीरीज अर्जेटीना व 1986 में 10वें एशियन गेम्स में उन्होंने हिस्सा लिया। खेल के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन अवार्ड भी मिल चुका है। वर्तमान में वह हॉकी की पौध को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में जुटी हुई हैं। अमर उजाला से बातचीत में प्रेम माया ने बताया कि वह इन दिनों एक सर्जरी के कारण खेल से थोड़ा दूर हैं, लेकिन अगले महीने से फिर से वह हॉकी के मैदान पर होंगी और नए खिलाड़ियों को तैयार करते हुए अंतिम सांस तक हॉकी के लिए समर्पित रहेंगी।
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2016 रियो ओलंपिक का हिस्सा थीं प्रीति
रियो में आयोजित हुए 2016 ओलंपिक में गोरखपुर की प्रीति दुबे ने देश का प्रतिनिधित्व कर देश का मान बढ़ाया है। प्रीति इन दिनों दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में भारतीय टीम में शामिल होने के लिए मेहनत कर रही हैं। प्रीति ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, हार नहीं माननी चाहिए। कड़ी मेहनत और अनुशासन से हम कोई भी लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। कहा कि वह गीता के इस श्लोक “कर्म करो, फल की चिंता मत करो।” पर विश्वास करती हैं। ऐसे में जब तक सफलता न मिले मेहनत करते रहें, एक न एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।
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आदित्या ने दिखाया डेफ ओलंपिक में स्वर्ण
बैडमिंटन सनसनी के नाम से मशहूर आदित्या यादव बचपन से ही बोल और सुन नहीं सकती हैं, लेकिन उनके जज्बे ने देश को ब्राजील डेफ ओलंपिक में टीम इवेंट में गोल्ड मेडल, वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप टीम इंवेंट में गोल्ड मेडल, तीसरे जूनियर वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप में सिंगल और डबल्स में सिल्वर मेडल, एशिया पैसेफिक डेफ यूथ बैडमिंटन चैंपियनशिप के अंडर 21 गर्ल्स डबल्स में गोल्ड, सिंगल में सिल्वर और मिक्स डबल में ब्रॉन्ज मेडल, एशिया पैसेफिक डेफ यूथ बैडमिंटन चैंपियनशिप महिला डबल में गोल्ड और वुमेन सिंगल में ब्रॉन्ज मेडल जीत देश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति उन्हें बाल पुरस्कार से सम्मानित कर चुकी हैं। इसके साथ हीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्हें सम्मानित किया है। आदित्या इन दिनों दिल्ली में एशिया चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटी हैं।