गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी क्लाॅस रूम की चहारदीवारी से बाहर निकलकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान सीखेंगे। कुलाधिपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए जल्द ही स्वैच्छिक एवं आपसी सहयोग आधारित शैक्षणिक प्रवास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रवास कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश व दूसरे राज्यों में स्थित शिक्षण संस्थानों, शोध केंद्रों, औद्योगिक इकाइयों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण
कराने की व्यवस्था होगी। प्रवास के दौरान छात्र-छात्राओं को नई तकनीकों, शिक्षण पद्धतियों और विविध सांस्कृतिक परिवेशों को देखने और समझने का नया अवसर मिलेगा, जो उनके भविष्य निर्माण में सहायक होगा। इस नई पहल से ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को बड़े शिक्षण संस्थानों, प्रयोगशालाओं व औद्योगिक प्रतिष्ठानों को देखने का अवसर मिलेगा।
नई शिक्षा नीति में छात्र-छात्राओं को अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया है। शैक्षणिक प्रवास कार्यक्रम इसी का हिस्सा है। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। इससे छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान सीखने का अवसर मिलेगा। उनके व्यक्तित्व का विकास होगा और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए वे और बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय