वन्य जीव अधिनियम से जुड़े अधिकारी ने बताया कि अगर जंगल में वन्य जीव पकड़ने के दौरान उसके हिंसक होने से खुद को बचाना है तो स्वाभाविक है, उसे पकड़ने में वन्य जीव अधिनियम के कानून का पालन पूरी तरह अनुपालन नहीं हो पाएगा। डीएफओ विकास यादव ने कहा कि हमने टीम को गिद्ध पकड़ने के लिए भेजा है। अगर वन्य जीव अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करेंगे तो जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
बेहद मानवीय व्यवहार करने की जरूरत
भारीवैसी जटायु संरक्षण केंद्र के डॉ. दुर्गेश नंदन ने एक फोटो जारी की। हालांकि उनकी मंशा जटायु को उपहार के रूप में गोरखपुर लाने की रही होगी, लेकिन फोटो में भी गिद्ध के गले पर हाथ था। वन्य जीव प्रेमियों ने बताया कि ये वन्य जीव विलुप्त होने की तरफ हैं।
ऐसे में इनके साथ बेहद मानवीय और उनके स्वाभाव के अनुसार व्यवहार करने की जरूरत होती है। पकड़ने के बाद अचानक से इतने लोगों के साथ उसका गला पकड़ कर खड़े होने पर वह भयभीत भी हो सकता है।