मुख्य चिकित्साधिकारी खोराबार डॉ राजेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला।
मरीजों के इलाज में जितना योगदान एक डॉक्टर का होता है, उतना ही साथ में मौजूद रहे चिकित्सकीय स्टॉफ का भी सहयोग होता है। इलाज के दौरान मरीज की नियमित तौर पर देखभाल और दवा की सही डोज समय-समय पर चिकित्सकीय स्टॉफ ही मुहैया कराता है।
ये बातें, सोमवार को विश्व फार्मेसी दिवस पर अमर उजाला और सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की तरफ से संयुक्त रूप से आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर खोराबार के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कहीं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चिकित्सा सेवा को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट और अन्य चिकित्सकीय स्टॉफ की जरूरत पड़ेगी। डॉक्टर और फार्मासिस्ट एक ही जंजीर की कड़ी हैं। निदेशक शेखर सिंह ने फार्मासिस्ट डे के महत्व एवं फार्मासिस्ट स्वस्थ व्यवस्था में भागीदारी के बारे में बताया। संस्था के चेयरमैन नवीन यादव ने कहा कि व्यक्तित्व का विकास करने से ही समाज का विकास होगा।
इस आयोजन के पहले और दूसरे दिन क्रिकेट, कबड्डी, दौड़ आदि खेलो का आयोजन हुआ। तीसरे और चौथे दिन पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज, पौधारोपण आदि प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन हर्षिता कौशिक ने किया। कार्यक्रम का समन्वय आकांक्षा कन्नौजिया ने किया। इस मौके पर संस्था के डीन एवं अन्य शिक्षक सक्रिय भूमिका में रहे।