पेट्रोल का दाम गोरखपुर जिले में गुरुवार को 100.39 रुपये प्रति लीटर व 92.27 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। बता दें कि बुधवार को जिले में पहली बार सौ पार 100.19 रुपये प्रति लीटर पर पहुंचा। वहीं डीजल की कीमत 91.93 और हाई स्पीड पेट्रोल 103 रुपये रहा। पंपों पर सौ रुपये का पेट्रोल भरवाने पहुंचे लोगों में एक लीटर से कम तेल मिलने पर निराशा दिखाई दी।
कोई महंगाई को कोसता नजर आया तो किसी ने इसे केंद्र सरकार की नाकामी करार दिया। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम जीएसटी के दायरे में लाने की मांग भी उठी। दो पहिया वाहन चालक हों या कार मालिक, सभी ने पेट्रोल के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ने की चिंता जताई। नौकरीपेशा, छोटे व्यापारी, कारोबारी, विद्यार्थी, गृहिणी, ट्रांसपोर्टर सभी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ने और महंगाई बढ़ने की आशंका से ग्रस्त नजर आए।
गोरखनाथ के नौकरीपेशा वाले नवीन कुमार नवल ने बताया कि पेट्रोल 100.19 रुपये प्रति लीटर हो गया है। महंगाई नियंत्रित करने में केंद्र सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। कोरोना महामारी के कारण करीब दो वर्ष से नौकरीपेशा लोगों का वेतन नहीं बढ़ा लेकिन इस दौरान पेट्रोल का दाम डेढ़ गुणा हो चुका है। प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए तेल का दाम बढ़ना हमेशा दुखदायी होता है।
झंगहा के उपभोक्ता वस्तु एजेंट दीनबंधु सिंह ने बताया कि क्या करें? काम तो करना ही है। हमारी रोजी रोटी ही बाइक से जुड़ी है, पेट्रोल चाहे पचास रुपये हो या सौ रुपये, बाइक तो चलानी ही है। महंगाई लगातार बढ़ रही है। अब ईंधन पर प्रति माह पांच सौ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे यानी मुनाफे की रकम पेट्रोल की भेंट चढ़ जाएगी।
बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा शांभवी श्रीवास्तव ने बताया कि पॉकेट मनी की अधिकतर रकम तो पेट्रोल भरवाने में खर्च हो जाती है, अब और खर्च बढ़ गया। यूनिवर्सिटी आना-जाना भी महंगा होता जा रहा है। पहले पॉकेटमनी से पेट्रोल भरवाने के साथ ही कुछ खानपान में खर्च कर लेती थी अब पेट्रोल में ही सारी पॉकेट मनी खर्च हो जाती है।
सीए अभ्यर्थी अनम जमाल ने बताया कि कार रखना अब घाटे का सौदा लगने लगा है। इंश्योरेंस महंगा हुआ, टोल टैक्स महंगा हुआ, रोड टैक्स के रेट बढ़े और पेट्रोल भी सौ रुपये पार कर चुका है। बीते दो वर्ष में कार चलाने की प्रति किलोमीटर दो गुणी से अधिक हो चुकी है। सरकार को चाहिए कि पेट्रोल-डीजल से करों का बोझ कम कर जनता को राहत दे।
ट्रांसपोर्टरों पर पड़ रही दोहरी मार
गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ट्रांसपोर्टर्स को भी मजबूरी में माल भाड़े के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं लेकिन जिस मात्रा में डीजल के दाम बढ़े हैं उस अनुपात में माला भाड़ा नहीं बढ़ाया गया है। इससे ट्रांसपोर्टरों को लागत बढ़ने और आय कम होने का दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। माल भाड़े में वृद्धि होने से महंगाई भी बढ़ रही है। सरकार को जनहित में कदम उठाते हुए ईंधन के दाम कम करने चाहिए।