नागरिकों का कहना है कि इन्हीं रास्तों से होकर प्रतिमाएं जाती हैं और तेज आवाज में डीजे के बजने से सभी लोग परेशान होते हैं। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद डीजे बजाने पर रोक नहीं लग पा रही है। बीते दिनों गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जमकर डीजे बजाया गया। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों को परेशानी होती है। डीजे बजाने वाले अति उत्साही कुछ युवक मना करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
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डीजे से होने वाली परेशानी का बांट रहे पर्चा
रामजानकी मंदिर, बसंतपुर की ओर से छपवाए गए पर्चे में तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से होने वाली परेशानी का जिक्र किया गया है। लोगों को जागरूक करने के लिए इसका वितरण कराया जा रहा है। इसमें बताया गया है कि तेज आवाज से बच्चे रोने-चिल्लाने लगते हैं। बुजुर्ग और बीमार लोगों को परेशानी होती है। रातभर डीजे बजने से लोग सो नहीं पाते हैं। इससे अगला दिन खराब हो जाता है। डीजे की आवाज से सिर दर्द और उल्टी होती है। हृदय रोगियों को खतरा बना रहता है। इसके अलावा लोग अनिद्रा के शिकार बन रहे हैं। डीजे बजने पर खिड़कियों और दरवाजों में लगे शीशे टूट जाते हैं। आलमारी पर रखे सामान नीचे गिर जाते हैं। लोगों का कहना है कि डीजे की आवाज से जहां परेशानी होती है, वहीं फूहड़ गाने बजाए जाने से लोग भी शर्मसार होते हैं। इसलिए इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
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पांच साल तक की कैद व एक लाख जुर्माने का प्रावधान
दीवानी कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि डीजे बजाने को लेकर कोर्ट की गाइडलाइन का पालन कराया जाना जरूरी है। वर्ष 2019 में प्रयागराज के सुशील चंद्र श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन होगा। कोर्ट ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण कानून का उल्लंघन करने पर पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।\
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किसी भी धर्म, समुदाय के कार्यक्रम में डीजे बजाने से लोगों को परेशानी होती है। इसके लिए जो मानक तय हैं, उनका पालन किया जाना चाहिए। हम लोगों का त्योहार के समय नींद भर सो नहीं पाते हैं।
-जीशान कुरैशी, बसंतपुर
सबसे ज्यादा परेशानी प्रतिमा विसर्जन के दौरान होती है। प्रतिमाओं को लेकर राजघाट की ओर जाने वाले लोग तेज आवाज में डीजे बजाते हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए।
-अरुण कुमार, स्थानीय निवासी
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हाईकोर्ट ने डीजे बजाने के संबंध में गाइडलाइन तय की है। लेकिन अधिकारियों की ओर से इसकी अनुमति दे दी जाती है। इस पर सख्ती बरती जानी चाहिए। हम लोग जब मना करते हैं तो डीजे बजाने वाले मारपीट पर उतारु हो जाते हैं।
-राजेश चौधरी, स्थानीय निवासी
रात में डीजे पर फूहड़ गाने बजाए जाते हैं। इससे लोगों को शर्मसार होना पड़ता है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान रातभर समस्या रहती है। बच्चे सो नहीं पाते हैं। इस पर रोक लगाना जरूरी है।
-मनीष विश्वकर्मा, स्थानीय निवासी।