जीआईसी सर्वे के आधार पर बढे़ हाउस टैक्स की वजह से शहर के हजारों की संख्या में लोगों के मकानों का टैक्स बढ़ गया है। नगर निगम की ओर से 40 हजार से ज्यादा लोगों को बढ़े हुए टैक्स का नोटिस भेज दिया गया है।
साथ ही आपत्ति के लिए महीने भर का समय भी दिया गया है। छह से 10 गुना तक बढ़े हुए टैक्स से लोग हैरान हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पार्षदों की बढ़ गई है, क्योंकि वार्ड के लोग बढ़े हुए टैक्स का मसला लेकर उन्हीं के पास आ रहे हैं।
नगर निगम के 80 वार्डों में से करीब 47 वार्ड में जीआईएस सर्वे हो चुका है। इसमें नये मकान और पुराने मकान के बढ़े हुए एरिया को लेकर सर्वे हुआ है। इसी को आधार बनाकर मकान मालिकों को नोटिस दिया जा रहा है। सूर्यविहार कॉलोनी की रहने वाली नीता पांडेय ईडब्ल्यूएस मकान में रहती हैं। उनके मकान का जितना एरिया है, उससे छह गुना अधिक एरिया दिखाकर कर निर्धारण कर दिया गया है।
मामले को उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने नगर आयुक्त के समक्ष भेजा है। ऋषि मोहन वर्मा का कहना है कि जीआईएस सर्वे के बाद निर्धारित टैक्स को लेकर काफी संख्या में लोगों में नाराजगी है। इस संबंध में मेयर को भी अवगत करा दिया गया है।
उपनगर आयुक्त संजय शुक्ला ने कहा कि नोटिस के पीछे मंशा यही है कि किसी का गलत हाउस टैक्स नहीं लगे। लोग बिना भय के नोटिस मिलने के 30 दिन के अंदर आपत्ति करें। उनके आपत्ति का तत्काल निस्तारण कर हाउस टैक्स ठीक कराया जाएगा।