एकला बांध पर कूड़ा गिराने से लोगों ने रोक दिया। नाराज लोगों ने नगर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर गाड़ियां की कतार लग गई। नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत और आश्वासन के बाद लोग शांति हुए और फिर कूड़ा गिरना शुरू हो गया।
रविवार को शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण पर संकट उत्पन्न हो गया। नौसढ़ के साथ ही आसपास रहने वालों ने कूड़ा लदे वाहनों को बांध के पहले सड़क पर ही रोक लिया। इससे गाड़ियां कतार में खड़ी हो गईं।
लोगों का आरोप था कि कूड़े के साथ आए दिन मृत पशुओं को फेंक दिया जा रहा है। इससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के इलाकों में रहना दूभर हो गया है। साथ ही इससे भूगर्भ जल भी प्रदूषित होता है।
सूचना मिलने के बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर प्रभारी अधिशासी अभियंता एनडी पांडेय और इंफोर्समेंट टीम के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह पहुंचे तो लोगों ने बाघागाड़ा की ओर से वाहन ले आकर कूड़ा गिराने की मांग शुरू कर दी। इसके बाद तीन दिनों के लिए नए रास्ते से वाहनों को एकला बांध पर ले आने की सहमति बनी।
दोपहर बाद तकरीबन तीन बजे कूड़ा गिराना शुरू किया गया। प्रभारी अधिशासी अभियंता ने बताया कि नागरिक बाघागाड़ा की ओर से बांध के दूसरी तरफ कूड़ा गिराने की मांग कर रहे थे। तत्काल प्रभाव से बाघागाड़ा की ओर से ही कूड़ा वाहन भेजे जाने लगे हैं।
बुधवार को होगी बैठक
नागरिकों ने कमिश्नर रवि कुमार एनजी से एकला बांध पर कूड़ा न गिराने का अनुरोध किया। कमिश्नर के निर्देश पर बुधवार को नगर आयुक्त और नागरिकों की बैठक होगी।