गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू बनाया जाएगा। कोविड की दूसरी लहर के बीच शासन तीसरी लहर से पहले उससे निपटने की तैयारियों में जुट गया है। विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिहाज से अधिक नुकसानदेह बता रहे हैं। इसके मद्देनजर सरकार इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के सफल मॉडल को कोविड जंग के लिए इस्तेमाल करेगी।
शासन का मानना है कि मासूमों पर कहर बरपाने वाली इंसेफेलाइटिस पर जिस रणनीति से काबू पाया गया वही अनुभव कोविड की तीसरी लहर पर जीत दिलाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में बच्चों के लिए 100 बेड का आईसीयू अस्पताल तैयार रखने का निर्देश दिया है।
साथ ही जिला स्तर पर भी कई पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) क्रियाशील करने की बात कही है। इसमें सभी डॉक्टरों को बच्चों के इलाज का प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। प्रशिक्षक की भूमिका में इंसेफेलाइटिस नियंत्रण में प्रभावी योगदान देने वाले बीआरडी मेडिकल कॉलेज और केजीएमयू लखनऊ के विशेषज्ञ चिकित्सक निभाएंगे।
इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के अनुभव का इस्तेमाल कोविड की तीसरी लहर को निष्प्रभावी बनाने में किया जाएगा। इसके लिए हर मंडल मुख्यालय पर 100 बेड और जिला अस्पतालों में 25-25 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू को क्रियाशील किया जा रहा है।