कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच शुरू हुई, टेलीमेडिसिन सेवा में मरीजों को बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। 80 प्रतिशत डॉक्टरों से मरीजों का संपर्क हो जा रहा है। इसकी वजह से ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या भी मंगलवार को कम रही।
मेडिसिन विभाग में करीब 35 से 40 मरीजों के फोन आए। इसके अलावा मानसिक और बाल रोग विशेषज्ञों के पास करीब 40 से 45 मरीजों ने कॉल कर सलाह ली। जबकि, विभागीय अधिकारियों को डर था कहीं यह सेवा पहली और दूसरी लहर की तरह फेल न हो जाए। अच्छी बात यह रही कि जिन डॉक्टरों ने फोन उठाए, वे ओपीडी में भी बैठकर मरीजों को देख रहे थे।
16 डॉक्टरों में केवल तीन डॉक्टर ऐसे रहे हैं, जिनके नंबर नहीं उठ सके हैं। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि प्रयोग के तौर पर अभी कुछ ही विशेषज्ञों के नंबर जारी किए गए हैं। अगर कोरोना संक्रमण बढ़ता है, तो अन्य डॉक्टरों के भी नंबर जारी किए जाएंगे। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही ओपीडी में आने वाले सामान्य मरीजों को अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।