इसके अलावा 10 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनका ब्लड शुगर लेबल बॉर्डर पर था, अब उनका शुगर और हाई हो गया है। ऐसे मरीजों को तीसरी लहर में बचना होगा। क्योंकि, तीसरी लहर का दुष्प्रभाव तत्काल नहीं दिखेगा।
वायरस से संक्रमित होने वालों को शुगर का खतरा अधिक
डॉ राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों को शुगर बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे मरीज जिनका शुगर लेवल बॉर्डर लाइन पर है तो, उन्हें भी संक्रमण के बाद शुगर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के बाद से पांच से 10 प्रतिशत लोगों में यह समस्या देखी गई है। इसके अलावा, दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों में अभी भी खांसी के साथ कमजोरी की समस्या देखने को मिल रही है।
कोरोना के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
- शुगर ब्लड प्रेशर के साथ लीवर से जुड़ी समस्या की नियमित जांच कराएं।कोरोना से उबरे लोग नियमित व्यायाम करें।
- शुगर की दवाओं का डोज बढ़ाने को लेकर डॉक्टर से संपर्क करें।
- डेल्टा से संक्रमित लोग सेहत पर विशेष ध्यान दें।