कैंट क्रासिंग पर पहले से ही जाम की नौबत रहती है। अब इस स्टेशन का विस्तारीकरण हो रहा है। अब यहां कुल नौ लाइनें हो गई हैं, जिन्हें पार करने में राहगीरों को दिक्कत हो रही है। प्लेटफार्म नंबर एक का अंतिम सिरा भी क्रासिंग के नजदीक है।
कैंट क्रासिंग पर बनने वाला ओवरब्रिज एल शेप में होगा। मतलब रेलवे स्टेशन के गेट से शुरू होकर यह ओवरब्रिज क्रासिंग पार करते हुए कसया रोड से जुड़ेगा। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्री कसया रोड से सीधे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक गेट तक पहुंच जाएंगे। इससे पहले यात्रियों को सेकेंड एंट्री से भी आवागमन की सुविधा मिल जाएगी। इसके लिए भी जमीन का हस्तांतरण जल्दी हो सकता है। ओवरब्रिज निर्माण के लिए करीब 70 करोड़ का डीपीआर बन रहा है।
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कैंट क्रासिंग पर पहले से ही जाम की नौबत रहती है। अब इस स्टेशन का विस्तारीकरण हो रहा है। अब यहां कुल नौ लाइनें हो गई हैं, जिन्हें पार करने में राहगीरों को दिक्कत हो रही है। प्लेटफार्म नंबर एक का अंतिम सिरा भी क्रासिंग के नजदीक है। कैंट स्टेशन से छपरा और नरकटियागंज के लिए लाइन अलग होती है। इसके चलते यहां सुबह और शाम को ट्रैक पर गाड़ियों की संख्या अधिक होने के चलते क्रासिंग लंबे समय तक बंद रहता है।
भविष्य में इस स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में भी विकसित किया जाना है। ऐसे में क्रासिंग को बंद करना ही पड़ेगा। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन यहां ओवरब्रिज बनवाना चाहता है। कई साल से चल रहे प्रयास को दो महीने पहले सफलता मिली। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनने का काम शुरू हुआ।
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अभी जो प्रस्ताव है, उसके अनुसार रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार से शुरू होकर यह ओवरब्रिज कैंट क्रासिंग को पार करते हुए कसया रोड के पास उतरेगा। एप्रोच मार्ग कसया रोड से शुरू होगा।