- अब किचन और सहालग में तेजी से बढ़ रही मशरूम की डिमांड, तीन साल पहले होली में 800 क्विंटल खपत थी पनीर की, अब 500 क्विंटल तक
- 50 से 60 क्विंटल तक खपने वाला मशरूम तीन साल में बढ़कर 200 क्विंटल हुआ
गोरखपुर। शादी-विवाह में अगर पनीर की सब्जी नहीं है तो व्यवस्था ठीक नहीं मानी जाती थी। पनीर स्टैटस सिंबल बन गया था लेकिन मिलावटखोरों के बढ़ते दखल के चलते अब ट्रेंड बदला है। लोग सेहत को लेकर ज्यादा संजीदा हैं और पनीर की जगह अब किचन से सहालग तक मशरूम को प्राथमिकता देने लगे हैं। तीन साल के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो पनीर की खपत आधी हुई है और लोगों को मशरूम भाने लगा है। आंकड़ों को देखें तो मांग भी दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।
विभिन्न समारोहों में भी खानपान के मेन्यू में अब पनीर की जगह लोग मशरूम को प्राथमिकता दे रहे हैं। होली में पनीर की मांग कम हुई तो मशरूम ने थाली में जगह बनाई है। व्यापारियों के अनुसार पनीर में मिलावट के मामले ज्यादा आ रहे हैं। इस कारण लोग सेहत को ध्यान में रखते हुए मिलावटी पनीर से दूर हो रहे हैं। हालांकि, बाजार में शुद्ध पनीर उपलब्ध कराने वाले भी हैं लेकिन उनके यहां मांग बहुत ज्यादा है और वे आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इस बार होली पर 500 क्विंटल पनीर व 200 क्विंटल मशरूम की खपत होने का अनुमान है। तीन साल पहले मशरूम 50 क्विंटल व पनीर 800 क्विंटल से ज्यादा खपत होता था।
मशरूम के व्यापारी संजय ने बताया कि मशरूम उत्तराखंड के साथ ही आगरा, मुरैना, जयपुर व अंबाला से आता है, जो शुद्ध होता है। थोक में यह 150 रुपये किलो है जबकि फुटकर बाजार में 30 से 40 रुपये पैकेट (एक पैकेट में 200 ग्राम) है। पनीर की मांग कम हुई है। पनीर 280 रुपये से लेकर 300 रुपये किलो तक बिक रहा है। लोग सस्ता समझकर मिलावटी व खराब पनीर खरीद रहे हैं। वहीं पनीर के अच्छे व्यापारियों ने बताया कि शुद्ध पनीर 400 रुपये किलो से कम कीमत पर बेचने में लागत भी नहीं आएगी।
मशरूम खाने के हैं फायदे, मिलावटी पनीर से रहें दूर
जिला अस्पताल के डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि मिलावटी पनीर खाने से पाचन तंत्र पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। इससे पेट की बीमारियां हो जातीं हैं। बाद में पता चलता है कि लिवर में सूजन आ गई है या खराब होने लगा है। वहीं मशरूम खाने के फायदे हैं इसमें पोटैशियम, विटामिन-डी और फाइबर ज्यादा होता है। मशरूम ज्यादा दिन तक ताजा नहीं रहता है ऐसे में ताजा मशरूम ही बाजार से खरीद कर सेवन करना चाहिए। इसमें मिलावट नहीं हो सकती है।
लगातार मिलावटी पनीर पकड़ा गया है। इससे लोगों में जागरूकता आई है। विगत तीन वर्ष में पनीर की मांग कम हुई और मशरूम की बढ़ी है। होली पर 500 क्विंटल पनीर व 200 क्विंटल मशरूम की खपत होने का अनुमान है। लगातार मिलावटी पनीर बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
-डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा
मशरूम की मांग इस समय ज्यादा बढ़ी है। जबसे पनीर में मिलावट की चर्चा तेज हुई है तबसे धीरे-धीरे लोगों का रुख मशरूम की तरफ आया है।
-गिरीश गुप्ता, व्यापारी, मशरूम
कुछ धंधेबाजों की वजह से हम शुद्ध पनीर बेचने वाले भी बदनाम हो रहे हैं। हम खुला पनीर नहीं बेचते हैं, अच्छी गुणवत्ता की पनीर बेचते हैं, हालांकि तीन वर्षों में पनीर की मांग घटी है।
-विकास गुप्ता, व्यापारी, पनीर