सीएमओ ने बताया कि दर्द की दवा ने रामानंद की पूरी जिंदगी खराब कर दी है। रामानंद को ब्लड प्रेशर सहित शरीर के कई अन्य अंगों में भी परेशानी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक के घर गई थी। उसकी पूरी हेल्थ हिस्ट्री ली गई है। जिला अस्पताल में उसका डायलिसिस कराया जा रहा है। लेकिन, स्थिति गंभीर हो चुकी है। यही वजह है कि लोगों को सलाह दी जाती है कि बिना किसी डॉक्टरी सलाह के दर्द की दवा का इस्तेमाल न करें।
जिला अस्पताल में भी आते हैं इस तरह के मरीज
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में भी हर माह तीन से चार मरीज ऐसे मिलते हैं, जो लगातार दर्द की दवा से अपने शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाकर इलाज के लिए आते हैं। इनमें 95 फीसदी मरीजों की किडनी में संक्रमण होता है। ऐसे मरीजों को डायलिसिस की सलाह दी जा रही है।
किडनी के साथ ब्लड प्रेशर सहित अन्य दिक्कतें
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगर कोई भी मरीज लगातार दो से तीन माह तक दर्द की दवा का इस्तेमाल खुद करता है तो वह अन्य बीमारियों को भी दावत दे रहा है। इन बीमारियों में किडनी संक्रमण से लेकर ब्लड प्रेशर, अल्सर, हाइपरटेंशन, दमा की बीमारी का बढ़ना शामिल हैं। साथ ही हृदय रोग की भी समस्या हो सकती है। इसलिए मरीजों को सलाह दी जाती है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवा का सेवन बिल्कुल न करें। यह जानलेवा साबित हो सकती है।