थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गोल्डेन की कार तेज रफ्तार में थी। हालांकि, अब तक की जांच में हादसे के समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं दिखा। पुलिस की दो टीमों ने मोहद्दीपुर चौराहे से लेकर नौसड़ स्थित गोल्डेन के घर तक के 35 से अधिक सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। इन फुटेज के आधार पर पुलिस हादसे की पूरी घटना की पुनर्निर्माण करने की कोशिश कर रही है।
मोहद्दीपुर के चारफाटक ओवरब्रिज पर बुधवार रात हुए भीषण हादसे में एमबीबीएस छात्र समेत दो की मौत के मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मामले में जेल में बंद गोल्डेन साहनी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
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हादसे के वक्त गोल्डेन के साथ कार में कोई और था या नहीं, इसके लिए 35 से अधिक सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं। हालांकि अबतक की जांच में गोल्डेन के साथ किसी अन्य के होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
जानकारी के अनुसार प्रापर्टी डीलर गोल्डेन साहनी की तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्रा आकाश पांडेय और बिजली ठेकेदार उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। हादसे से नाराज एमबीबीएस छात्रों ने कार में गोल्डेन के साथ अन्य लोगों के होने की आशंका जाहिर करते हुए जांच की मांग की थी।
इसके बाद पुलिस की दो टीमें मोहद्दीपुर चौराहे से लेकर नौसड़ तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए लगाया गया था। थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गोल्डेन की कार तेज रफ्तार में थी। हालांकि, अब तक की जांच में हादसे के समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं दिखा।
पुलिस की दो टीमों ने मोहद्दीपुर चौराहे से लेकर नौसड़ स्थित गोल्डेन के घर तक के 35 से अधिक सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। इन फुटेज के आधार पर पुलिस हादसे की पूरी घटना की पुनर्निर्माण करने की कोशिश कर रही है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि हादसे के पीछे कार की गति और अन्य तकनीकी पहलुओं की पूरी जांच की जा रही है। गोल्डेन साहनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण हुए नुकसान और पीड़ितों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
परिवार ने पुलिस पर लगाया झूठे मामलों में फंसाने का आरोप
गोल्डेन के परिवार ने पुलिस पर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि पुलिस ने घटनास्थल और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के सबूत छुपा लिए हैं। उनके अनुसार, गोल्डेन को रात 11 बजे गिरफ्तार किया गया, जबकि हादसा रात 9:30 बजे हुआ था।
परिवार ने यह भी कहा कि यदि वह आरोपी होता तो घटना के बाद कहीं भाग जाता, लेकिन वह घर पर मौजूद था। गोल्डेन के बड़े भाई अविनाश साहनी ने कहा कि परिवार की समाज में अच्छी छवि है।
दावा किया कि राजनीतिक दबाव और स्थानीय घटनाओं के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है। कहा कि गोल्डेन संजय निषाद की पार्टी से जुड़े काम कर रहा था, कुछ लोग परिवार को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।