वायरल फीवर में इस बार डेंगू जैसे लक्षण आ रहे हैं। मरीजों को तेज बुखार आने की वजह से चेहरा लाल पड़ जा रहा है। कमजोरी के साथ कमर तोड़ने वाला दर्द मरीजों को ज्यादा परेशान कर रहा है। हालांकि, जांच में अधिकांश मरीजों की डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। जिला अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि इन मरीजों को ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है।
बुखार के साथ चर्म रोग की भी दिक्कत
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि त्वचा संबंधी बीमारियां भी तेजी से बढ़ी हैं। जिन मरीजों को पहले बुखार था, उनके शरीर में लाल रंग के दाने निकलने की समस्या आ रही है। ऐसे 30 से 40 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की बढ़ी संख्या
सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शहर में करीब 300 से अधिक क्लीनिक और 200 से अधिक अस्पताल है। इनमें करीब 40 फीसदी मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
एक नजर आंकड़ों पर
- डेंगू के मरीज- 59
- जेई/एईएस- 57, एक मौत
- मलेरिया- चार