एसआईसी डॉ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि पहले चरण में केवल सीएचसी और पीएचसी पर ही ओपीडी शुरू होगी। अभी जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में ओपीडी चलाने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं। पहले की तरह फ्लू कॉर्नर ओपीडी और हड्डी रोग विभाग की ओपीडी चलती रहेगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि अब तक ओपीडी चलाने के निर्देश नहीं मिले हैं। केवल इमरजेंसी में ओपीडी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा फ्लू कॉर्नर की ओपीडी चल रही है। गंभीर रोगियों के ऑपरेशन भी कॉलेज में किए जा रहे हैं।
दो से अधिक चिकित्सकों वाले निजी अस्पताल में नहीं चलेगी ओपीडी
शासन की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, जिन निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में दो से अधिक डॉक्टर बैठेंगे, उनको ओपीडी की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों के साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं का इलाज ओपीडी में नहीं किया जाएगा।
प्रशासन से आईएमए ने मांगा सहयोग
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एससी कौशिक, सचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने ओपीडी चलाने को लेकर प्रशासन से सहयोग मांगा है। अध्यक्ष और सचिव ने बुधवार को मंडलायुक्त से मुलाकात की। बताया कि अचानक तीन माह बाद ओपीडी शुरू होगी तो भीड़ होगी। ऐसी स्थिति में प्रशासन की ओर से मदद की जाए। साथ ही कहा कि जिन चिकित्सकों की कोरोना जांच की जा रही है, उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटीन भेजा जा रहा है। ऐसे में जब तक जांच न हो जाए, तब तक उन्हें दो दिन तक पैसिव क्वारंटीन किया जाए।