अब विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन कैमरे की नजर में अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट होगा। गड़बड़ी होने पर खुद वेबसाइट फेल कर देगी।
अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए संभागीय परिवहन विभाग जाकर टेस्ट देने से छूट के क्रम में घर बैठे ही सभी प्रक्रिया पूरी करने की सहूलियत आवेदकों को मिली थी। इसमें आधार से ही सत्यापन होता है। जन्मतिथि के लिए आधार कार्ड और हाईस्कूल की मार्कशीट को अपलोड किया जाता है। जैसे ही सत्यापन होता है, वैसे ही ऑनलाइन टेस्ट का ऑप्शन खुल जाता है।
टेस्ट का ऑप्शन खुलते ही कैमरा बंद हो जाता है और अभ्यर्थी प्रश्नों का उत्तर देता है। देर शाम को वर्चुअल अस्थायी लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। लेकिन, बिचौलियों ने इस प्रक्रिया में सेंध लगा दी। बिचौलिए मोटी रकम लेकर खुद ही टेस्ट देने लगे।
इक्का-दुक्का लोगों को फेल होते देखकर आरटीओ के अधिकारियों को संदेह हुआ। कुछ मामलों में पड़ताल के बाद व्यवस्था को फुलप्रूफ बना दिया गया है। अब कागजात के सत्यापन के बाद भी कैमरा नहीं बंद होगा। कैमरे के आसपास भी कोई नजर आता है तो अभ्यर्थी को फेल कर दिया जाएगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल ने कहा कि ऑनलाइन अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में बदलाव किया गया है। अब जबतक टेस्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी तबतक कैमरा बंद नहीं होगा। अब वेबसाइट खुद खामी पकड़कर टेस्ट में पास या फेल करेगी।