श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए बाबा मुक्तेश्वर नाथ, मानसरोवर व महादेव झारखंडी मंदिरों में तैयारी रविवार को पूरी कर ली गई। मंदिरों में युद्ध स्तर पर साफ सफाई की गई। सोमवार सुबह मंदिर के पुजारियों की ओर से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, भोग व आरती के बाद सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाऐंगे।
सावन मास के तीसरे सोमवार पर शिवालयों में श्रद्धालुओें की ओर से हर-हर महादेव की गूंज के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर महादेव को प्रसन्न करेंगे।
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श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए बाबा मुक्तेश्वर नाथ, मानसरोवर व महादेव झारखंडी मंदिरों में तैयारी रविवार को पूरी कर ली गई। मंदिरों में युद्ध स्तर पर साफ सफाई की गई।
सोमवार सुबह मंदिर के पुजारियों की ओर से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, भोग व आरती के बाद सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाऐंगे। इसके बाद श्रद्धालु पंक्ति में खड़े होकर भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ जलाभिषेक करेंगे। मंदिर के बाहर मेले जैसा माहौल देखने को मिलेगा।
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व्रत से होगी अक्षय पुण्य की प्राप्ति
महादेव झारखंडी मंदिर के पुजारी रविंद्र नाथ ने बताया कि सावन मास का तीसरा सोमवार 28 जुलाई को है।इस दिन के व्रत रहने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी। साथ ही महादेव की कृपा से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होगी। इस दिन भोलेनाथ का पूजन पंचाक्षरी मंत्र से करें।
भगवान को दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, पंचामृत, इत्र, फलों के रस, गंगाजल इत्यादि से अभिषेक करें। साथ ही काला तिल, सरसों का तेल व चने की दाल भी अर्पित कर सकते हैं। भगवान को फल,फूल,बिल्वपत्र,आकपुष्प,धतूरा इत्यादि चढ़ाकर भोग लगाने के बाद विधि पूर्वक आरती करें।