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दोस्तों को दावत पर बुलाने की बात कहकर घर से निकला था शख्स, रास्ते मिली दर्दनाक मौत

Wed, 25 Nov 2020 03:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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घटनास्थल पर मौजूद लोग।(इनसेट में मृतक की फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ओंकार उपाध्याय की हत्या मामले में पुलिस को उन दोस्तों की तलाश है, जिन्हें वह दावत पर बुलाए थे और लेने के लिए घर से निकले थे। पुलिस ओंकार के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है उससे लगता है कि हत्यारों को ओंकार के उस जगह से गुजरने के बारे में पक्की जानकारी थी। इससे लगता है कि वारदात में कोई करीबी भी शामिल है। इसी से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वे कौन लोग थे जिन्हें ओंकार दावत पर बुलाए थे?
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ओंकार के भाई ने पुलिस को बताया है कि वह घर पर सात बजे ही पहुंच गए थे। चार दोस्तों को दावत पर बुलाने की बात कह रहे थे। दोस्त कौन हैं इसके बारे में कुछ नहीं बताया था। केवल इतना ही कहा था कि उन्हें लेकर आता हूं, क्योंकि वह रास्ता नहीं देखे हैं।

इसके बाद वह सहजनवां की ओर निकल गए। रास्ते में वह गांव के कुछ युवकों से संपर्क किए, जो सहजनवां में काम करते हैं, लेकिन वह घर पहुंच गए थे। इसके बाद ओंकार खुद गए। उनकी बाइक जिस ओर मिली है उससे साफ  है कि वह घर की ओर ही जा रहे थे।
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दो बच्चों के पिता थे ओंकार

पुलिस ओंकार के मोबाइल फोन की मदद से घटना की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही है। आखिरी बार जिस नंबर पर बातचीत हुई है उसे खंगाला जा रहा है। नंबर किसका है और कितनी बार बात हुई है। हत्या करने वाले को एक बात की सटीक जानकारी थी कि ओंकार को दोबारा उस जगह से गुजरना है, नहीं तो आमतौर पर वह सात बजे तक घर चले जाते थे। मंगलवार को भी वह सात बजे सब्जी लेकर घर चले गए थे।

दोबारा वह दोस्तों को लेने के लिए आए थे। बदमाशों को इसकी पूरी जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि टीमें लगी हैं, जल्द ही वजह सामने आ जाएगी और बदमाश भी पकड़े जाएंगे।

ओंकार दो बच्चों के पिता थे। एक बेटी मानसी और एक बेटा वीरू है। पूरा परिवार चिलुआतल इलाके में ही रहता है। मौत की खबर घर पहुंचते ही चीख पुकार मच गई।
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