कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को जांचना शुरू कर दिया है। इसी के तहत 17 और 18 दिसंबर को पांच अस्पतालों में स्पेशल मॉकड्रिल की जाएगी। हर अस्पताल में निगरानी एडिशनल सीएमओ करेंगे।
ओमीक्रॉन के खतरे के मद्देनजर ऐसे सरकारी अस्पतालों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां पीडियाट्रिक आईसीयू संचालित होंगे। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी में बने कोविड वार्ड की तैयारियों पर भी नजर है। इन अस्पतालों में प्लांट के जरिए ऑक्सीजन की सुविधा दी गई है। ऐसे सरकारी अस्पतालों के संसाधन को परखने के लिए पहले 13 दिसंबर को माकड्रिल होनी थी। शनिवार को शासन ने इसमें आंशिक फेरबदल किया है। अब माकड्रिल 17 और 18 दिसंबर को होगी।
एक महीने पूर्व हुई मॉकड्रिल में मिली थीं खामियां
स्वास्थ्य विभाग ने 13 नवंबर को मॉकड्रिल की थी। इस दौरान अस्पतालों में कई खामियां मिली थीं। सबसे ज्यादा खामियां जिले के पांच अस्पतालों में मिली थीं। जांच में सीएचसी कैंपियरगंज और हरनही में मेडिकल ऑक्सीजन की पाइपलाइन फंक्शनल नहीं मिली थी। 100 बेड टीवी अस्पताल के आईसीयू सेटअप में कोई एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं था। बड़हलगंज स्थित राजा हरिप्रसाद मल्ल गवर्नमेंट होम्योपैथिक कॉलेज के कर्मचारी ट्रेंड नहीं थे। उन्हें बायपैप का संचालन करना नहीं आता था। सीएससी चौरीचौरा में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर का कोई भी व्यक्ति मॉकड्रिल में शामिल नहीं हुआ।
इन अस्पतालों में होगी माकड्रिल
- राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज बड़हलगंज, 100 बेड, एल-वन व एल-टू
- 100 बेड टीबी सह सामान्य अस्पताल एयरफोर्स, 100 बेड, एल-टू
- सीएचसी कैम्पियरगंज, 60 बेड, एल-वन
- सीएचसी हरनही, 50 बेड, एल-वन
- सीएचसी चौरीचौरा, 50 बेड, एल-वन
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि आगामी 17-18 दिसंबर को मॉकड्रिल होनी है। इस संबंध में शासन से पत्र आया है। मॉकड्रिल से पहले सभी खामियों को दूर कर लिया जाएगा।