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Exclusive: आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलेगा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार पुष्टाहार, इन प्लांटों में 1800 महिलाएं करेंगी काम

Thu, 23 Dec 2021 03:00 PM IST
vivek shukla ऐहतेशाम उद्दीन अहमद, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर जिले के छह ब्लॉकों में पूरक पोषक आहार प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। एक प्लांट का संचालन 300 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। ऐसे में इन सभी प्लांटों में 1800 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं काम करेंगी।
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आंगनबाड़ी केंद्र। (फाइल) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अब आंगनबाड़ी केंद्र पर धात्री माताओं और बच्चों को महिला स्वयं समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया पोषक आहार मिलेगा। गोरखपुर जनपद के छह ब्लॉकों में पूरक पोषक आहार प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इन पर बने पोषक आहार, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग के माध्यम से सभी ब्लॉकों में स्थित, करीब चार हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किए जाएंगे।    
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनपद के पाली, गगहा, पिपराइच, सरदारनगर, पिपरौली और गोला ब्लॉक में पूरक पोषक आहार प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्लांटों पर छह प्रकार के (टेक होम राशन) टीएचआर पुष्टाहार का उत्पादन किया जाएगा।

एनआरएलएम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीडी) श्याम सिंह के मुताबिक एक प्लांट का संचालन 300 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। प्लांट में महिलाओं की आर्थिक हिस्सेदारी तय करने के लिए प्रत्येक समूह ने 30,000 रुपये का अंशदान किया है। प्रत्येक प्लांट की उत्पादन क्षमता पांच मीट्रिक टन पुष्टाहार प्रतिदिन रखी गई है। इनमें टेक होम राशन यानी सूखा पुष्टाहार तैयार किया जाएगा। यहां से यह पुष्टाहार आईसीडीएस को आपूर्ति की जाएगी। आईसीडीएस इसे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से धात्री माताओं और बच्चों को वितरित करेगा। 
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एफसीआई और बाजार से लेना होगा कच्चा माल

एनआरएलएम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अनुसार पूरक पोषक आहार प्लांट के लिए, कच्चा माल एफसीआई और बाजार से लेना होगा। एफसीआई से गेहूं खरीद की जाएगी जबकि सोयाबीन, मूंग की दाल आदि बाजार से खरीदे जाएंगे। स्थानीय स्तर पर ही पुष्टाहार उत्पादन से यहां के किसानों को भी लाभ मिलेगा। वह अपनी उपज बाजार में बेहतर दाम पर बेच सकेंगे।    
 

प्लांट से जोड़े जाएंगे सभी 20 ब्लॉक

पीडी के अनुसार जनपद के छह ब्लॉकों में बनाए जा रहे, पूरक पोषक आहार की आपूर्ति पहले इन ब्लॉक के ही आंगनबाड़ी केंद्रों को की जाएगी। उत्पादन बढ़ने पर इन प्लांट को जनपद के बाकी सभी 14 ब्लॉकों से मैप (जोड़) कर वहां के आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी आपूर्ति की जाएगी।
 

1800 स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा रोजगार

पीडी ने बताया कि छह ब्लॉकों में पूरक पोषक आहार प्लांट की स्थापना होने से इनसे जुड़े 1800 स्वयं सहायता समूह की 15 हजार से अधिक महिलाओं केे रोजगार मिलेगा। यह प्लांट हमेशा चलेगा, इसलिए इन महिलाओं के लिए काम और आमदनी का स्थायी अवसर मिलेगा।
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