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Gorakhpur News: अब दोपहर डेढ़ बजे तक खून की जांच के लिए दे सकेंगे सैंपल

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- जिला अस्पताल में बदलेगी खून जांच की व्यवस्था
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- जिला अस्पताल से दलालों को बाहर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी
खबर का असर

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला अस्पताल में मरीजों का खून प्राइवेट पैथाेलॉजी में जांच कराने वाले दलालों पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को स्वास्थ्य प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी। सबसे पहला बदलाव यह किया गया है कि अब जिला अस्पताल की पैथाेलॉजी में दोपहर डेढ़ बजे तक खून की जांच के लिए मरीज अपना सैंपल दे सकेंगे। इसके अलावा अस्पताल परिसर में बेवजह घूमने वाले बाहरी लोगों की पहचान कराई जाएगी और ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को भी दी जाएगी। इसके अलावा जगह-जगह शिकायत पेटिका भी लगाई जाएगी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में दलाल सक्रिय हैं। ये दूर दराज से आए मरीजों को पैथाेलॉजी जांच के लिए बहला फुसलाकर अपने साथ अस्पताल से बाहर लेकर चले जाते हैं। अस्पताल में जो जांच नि:शुल्क है, वही बाहर की पैथालॉजी में 650 रुपये में होती है। अमर उजाला ने शनिवार को अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिला प्रशासन ने इसका संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है।
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जिला अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था के नोडल अफसर डॉ. प्रशांत ने बताया कि सुबह ही सभी डॉक्टरों के साथ बैठक कर दलालों को अस्पताल से बाहर करने की रणनीति बनाई गई। सभी डॉक्टरों को कहा गया कि अगर ओपीडी या वार्ड में कोई भी अंजान आदमी बार-बार दिखाई दे रहा हो, तो तत्काल इसकी जानकारी दें, जिससे कि उसे पकड़कर पुलिस को सौंपा जा सके। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने के लिए कुछ उपाय किए जा रहे हैं।
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कोट-
जिला अस्पताल आए मरीजों को यदि काेई दिक्कत है तो वे सीधे हमें बताएं। पैथालॉजी या एक्सरे की जांच की व्यवस्था में भी सुधार किया जा रहा है। अब पैथालॉजी में दोपहर डेढ़ बजे तक मरीज अपने खून की जांच के लिए सैंपल दे सकेंगे। व्यवस्थाएं पहले से बेहतर हुई हैं। जल्दी ही कुछ और भी बदलाव दिखेंगे।
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डॉ. राजेंद्र ठाकुर, एसआईसी- जिला अस्पताल

कोट-
जिला अस्पताल में मरीजों को हो रही दिक्कत के मामले पर सुबह ही एसआईसी व अन्य जिम्मेदारों के साथ बैठक की गई। उन्हें निर्देशित किया गया है कि जब तक ओपीडी चलती है, तब तक पैथालॉजी व एक्सरे समेत अन्य जांच भी होनी चाहिए। अगर कोई बाहरी धंधेबाज मरीजों का शोषण करता है तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ. आशुतोष दूबे- सीएमओ
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