सॉफ्टवेयर में पकड़े गए बदमाश और सजा पाने वाले अपराधियों के फिंगरप्रिंट स्कैन कर उसका आपराधिक डाटा सुरक्षित होगा। इसमें दो स्कैनर हैं। पहला माफोटॉप लाइव प्रिंटर और दूसरा फ्लैट बैट प्रिंटर। अपराधी अगर पकड़े जाने पर अपनी पहचान छुपा रहा है और पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही है तो इस सिस्टम पर उसका फिंगरप्रिंट स्कैन कर पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सेल का गठन कर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पकड़े गए बदमाशों को कोर्ट में पेश करने से पहले फिंगरप्रिंट लिया जाएगा। सेल इसी सप्ताह से अपना काम शुरू कर देगा।