कैंट थाने में दर्ज मुकदमों से जो रिपोर्ट आई उसमें बताया गया कि राजन को सभी मामले में बरी कर दिया गया है। हालांकि, जब कोर्ट में जांच शुरू हुई तो मामला कुछ और ही निकला और इसी दौरान गैंगस्टर के एक केस की जानकारी हुई, जिसमें श्रीप्रकाश को गैंग लीडर तो वहीं राजन तिवारी व अन्य को सक्रिय सदस्य बताया गया था।
गैंगस्टर फाइल की जांच में पता चला कि सन 2005 से राजन तिवारी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हो रहा है और पुलिस की इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं है। एडीजी अखिल कुमार ने एनबीडब्ल्यू का हवाला देते हुए एसएसपी को राजन को गिरफ्तारी कर कोर्ट में पेश कराने का निर्देश दिया।
गुरुवार को इस मामले में एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई की निगरानी और सीओ कैंट श्याम विंद के नेतृत्व में एसएसपी ने टीम गठित की और राजन की गिरफ्तारी के लिए कहा। टीम में एसएचओ कैंट, एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि राजन तिवारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। इस प्रकरण में कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।