गोरखपुर जिले के करीब आधा दर्जन गांवों में परफार्मेंस घोटाले का मामला सामने आने के बाद शासन-प्रशासन सतर्क हो गया है। शासन ने इस ग्रांट से कराए जाने वाले कामों की निगरानी के लिए चार अभियंताओं की टीम गठित की है। इस टीम की देखरेख में ही काम होंगे। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही भुगतान भी हो सकेगा।
जिले के 32 गांवों में परफार्मेंस ग्रांट से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाए गए हैं। टीम गांवों में जाकर प्रस्तावों की समीक्षा भी कर चुकी है। चुनाव के बाद अब पंचायतों के गठन के साथ ही शासन की मंशा है कि परफार्मेंस ग्रांट से विकास कार्य कराने की रफ्तार तेज की जाए। इसे लेकर जिला एवं राज्य स्तर पर प्रस्ताव पास करने के लिए बैठक हो रही है। गोरखपुर में 34 गांवों को परफार्मेंस ग्रांट मिली है, इसमें से दो गांव नगर निगम सीमा क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं। 32 गांवों में परफार्मेंस ग्रांट से विकास के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन कार्यों पर निगरानी रखने के लिए ही टीम बनाई गई है।
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि परफार्मेंस ग्रांट में होने वाले कार्यों की पारदर्शिता के लिए शासन स्तर से चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें चार अभियंता शामिल हैं। ग्रांट से होने वाले सभी कार्यों पर इस कमेटी की सीधी नजर रहेगी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही कार्य पूरा माना जाएगा।