गोरखपुर खाद कारखाना अब जुलाई नहीं बल्कि अक्तूबर 2021 तक शुरू हो सकेगा। लगातार दूसरे साल कोविड के प्रकोप की वजह से कारखाने का निर्माण कार्य प्रभावित होने से ऐसी नौबत आई है। कोरोना काल में करीब दो महीने तक काम ठप रहने की वजह से अभी भी बैगिंग बिल्डिंग, डीएम प्लांट और एसटीपी व ईटीपी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
खाद कारखाने का निर्माण करा रही हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के अधिकारियों के मुताबिक इन कामों को पूरा करने में सितंबर से अक्टूबर तक का समय लग जाएगा। उनका कहना है कि कारखाने का निर्माण कार्य अंतिम चरण में था तभी कोरोना का संक्रमण तेज हो गया। संचालन के लिए अंतिम तौर पर ज्यादातर मशीनों और सिस्टम को जांच की जा चुकी है। कूलिंग टॉवर, ब्वॉयलर आदि की कमिशनिंग हो चुकी है।
बता दें कि खाद कारखाना पूरा करने का लक्ष्य पहले फरवरी 2021 रखा गया था मगर पिछले साल कोरोना की पहली लहर शुरू हो जाने से काम प्रभावित हो गया। चार मार्च 2021 को खाद कारखाने के निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ आए केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने घोषणा की थी कि जुलाई 2021 में कारखाना बनकर तैयार होने के साथ ही यहां उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। बाद में कारखाने के उद्घाटन के लिए 22 जुलाई की तारीख भी तय हो गई थी। मगर कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने की वजह से काम फिर प्रभावित हो गया। अब कोरोना खत्म हुआ तो मानसून ने दस्तक दे दी।
2016 में पीएम ने रखी थीं आधारशिला, लोकार्पण भी वही करेंगे
गोरखपुर खाद कारखाना।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों से ढाई दशक से बंद खाद कारखाने की जगह नए कारखाने की नींव वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। सूत्रों के मुताबिक पीएम और सीएम ही इसका लोकार्पण भी करेंगे। बंद पड़े गोरखपुर खाद कारखाने को फिर से शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद रहते हुए लंबे समय से सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाते रहे हैं। 2014 में लोकसभा चुनाव की रैली के दौरान मानबेला की जमीन से पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो पुराने खाद कारखाने की ही जगह नया कारखाना बनाया जाएगा। सरकार बनने के साथ ही उन्होंने अपना वादा भी निभाया और कारखाने की नींव रखी।
एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने बताया कि जुलाई 2021 में ही खाद कारखाने को शुरू करने की पूरी तैयारी थी मगर इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर ने काम प्रभावित कर दिया। ज्यादातर मशीनों और सिस्टम की प्री-कमिशनिंग और कमिशनिंग हो चुकी है मगर अभी भी बैगिंग बिल्डिंग, डीएम प्लांट और एसटीपी व ईटीपी का काम बाकी है। इसे पूरा होने में करीब तीन से चार महीने का समय लग सकता है।