ताल सुमेर सागर के बाद अब खरैया पोखरे की जमीन से भी अवैध कब्जा हटाने की तैयारी।
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जिला प्रशासन की सख्ती बरकरार रही तो जल्द ही गोरखपुर भी झीलों के शहर भोपाल की तरह नजर आएगा। प्रशासन ने शहर के सभी ताल-पोखरे की जमीन कब्जामुक्त कराकर उसे पुराने स्वरूप में लाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में ताल सुमेर सागर के साथ ही अब जिला प्रशासन ने बशारतपुर स्थित खरैया पोखरे की जमीन से भी अवैध कब्जा हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
ताल की पैमाइश के बाद मौके पर जिनका कब्जा पाया गया है, उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर कब्जा हटाने की मोहलत दी गई है। इसके बाद संबंधित अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। जिला प्रशासन के मुताबिक तीन एकड़ 42 डिसमिल क्षेत्रफल में फैले खरैया पोखरे की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व में लेखपालों की टीम ने दो दिन तक पैमाइश की।
इस दौरान ताल की करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इनमें कुछ ने पक्के निर्माण करा लिए हैं तो कुछ ने ताल की जमीन में बढ़कर निर्माण करा लिया है। कई अस्थायी निर्माण भी हैं। सदर तहसील प्रशासन ने स्थायी निर्माण करा लेने वाले 12 लोगों को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर खुद ही कब्जा हटाने की चेतावनी दी है।