मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके शिक्षाविद् भाईयों के करीबी रिश्ते हैं। यहीं कारण है कि दस से अधिक भाजपा के ब्राह्मण नेताओं पर दांव न लगाकर पार्टी ने उन्हें मौंका दिया। सूत्रों की मानें तो अजय सिंह पिंटू ने भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर भाजपा नेताओं की परेशानी बढ़ा दी है।
वैश्य समाज से कोई उम्मीदवार नहीं होने की वजह से हरेंद्र जायसवाल भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने पर्चा भी खरीद लिया है। उन्हें भाजपा के ही कुछ लोग चुनाव लड़ने के लिए उकसा रहे हैं। भाजपा से एक बार बगावत कर निर्दल विधानसभा का पिछला चुनाव लड़ चुके विजय प्रताप मणि त्रिपाठी डब्लू मणि, हाल ही में अपने आवास पर हजारों लोगों के साथ सपा की प्रवक्ता जूही सिंह का स्वागत कर चर्चा में आएं।
सोशल मीडिया पर उन्होंने खुद तस्वीर पोस्ट की। हाल ही में मंगलवार को सपा मुखिया ने पार्टी के उम्मीदवारों को लखनऊ बुलाया तो विजय प्रताप मणि भी पहुंचे। उन्हें देखकर कुछ नेताओं को आश्चर्य हुआ, लेकिन सपा मुखिया ने विजय प्रताप मणि को सम्मान दिया और चुनाव लड़ने को लेकर बात की थी।
ऐसे में विजय प्रताप मणि उर्फ डब्लू सपा में भले ही शामिल नहीं हुए लेकिन बगावत कर चुनाव लड़ने के मूड में हैं। वैसे सपा जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव का कहना है कि विजय प्रताप मणि सपा के नेता नहीं हैं।